Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, July 14
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    निःस्वार्थ सेवा का संस्कार

    By August 26, 2018 Current Issues No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 595
    डॉ दिलीप अग्निहोत्री
    यह सन्योग था कि जब यूरोप में राहुल गांधी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर हमला बोल रहे थे, उस समय स्वयं सेवक केरल के बाद पीड़ितों का जीवन बचा रहे थे। यह जानते हुए की इनमें से बहुत से लोग स्थिति सामान्य होने के बाद फिर स्वयं सेवकों के खिलाफ हिंसक व्यवहार करेंगे। इसके बाबजूद स्वयं सेवक अपने कर्तव्य पथ से विचलित नहीं हुए। कुछ वर्ष पहले कश्मीर घाटी में भी यही नजारा देखा गया था। उमर अब्दुल्ला मुख्यमंत्री थे। भीषण बाढ़ के समय स्थानीय प्रशासन, हुर्रियत नेता और आतंकी सभी सुरक्षित ठिकानों पर निकल गए थे। लोगों को बचाने का कार्य केवल सेना के जवान और संघ के स्वयंसेवक कर रहे थे। ये जानते थे कि जिन्हें बचा रहे है, वह स्थिति सामान्य होने के बाद फिर पत्थरबाजी करेंगे, फिर आतंकी वापस आ जायेंगे। इसके बाद भी सेवा संस्कार को महत्व देने वाले अपने कर्तव्य पथ से विचलित नहीं हुए।
    राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ केरल में सैंतीस सौ राहत शिविर का संचालन कर रहा है जिनसे सात लाख बाढ़ पीड़ितों को प्रतिदिन  मदद दी जा रही है है। संघ के स्वयं सेवक अपनी जान जोखिम में डाल कर लोगों को बचा रहे है। यह संस्कार उनको कहीं से तो मिल ही रहा होगा। संघ की शाखाओं में यह संस्कार जाग्रत किया जाता है। संघ ने कभी यह दावा नहीं किया कि वह कोई नया चमत्कार कर रहा है। वस्तुतः यह सब उदार भारतीय संस्कृति का ही भाव है। जिसमें पीड़ितों की निस्वार्थ सेवा का संस्कार है। संघ समाज के स्तर पर इसी भाव को जागृत करने का कार्य कर रहा है। इसके बाद तो स्वयं सेवक स्वतः ही सेवा कार्य के लिए सबसे पहले पहुंच जाते है।
    संघ के द्वारा सत्तर हजार से ज्यादा स्थाई सेवा केंद्र चलाये जा रहे है। वनवासियों, वंचितों के द्वार तक पहुँच कर संघ स्वयंसेवक उनकी सहायता करते है। ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में बच्चों के पढ़ाई हेतु योजनाएं चलाई जा रही है।
    यह बिडंबना है कि संघ के आलोचक कभी इन बातों की चर्चा नहीं करते। संघ ने उचित निर्णय लिया कि वह राहुल गांधी के विचारों को गम्भीरता से नहीं लेगा। न इसका जबाब देने की आवश्यकता है। राहुल गांधी अपनी मर्जी से निष्कर्ष निकाल रहे है। उन्होंने लंदन में कहा कि सिख वीरोधी दंगो में कांग्रेस को भूमिका नहीं थी। सभी दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। यह ठीक है कि सिख दंगो के समय राहुल बच्चे थे। व्यक्तिगत रूप से राहुल दोषी नहीं थे। लेकिन इसी आधार पर उन्हें कांग्रेस को क्लीन चिट भी नहीं देनी चाहिए थी। यह मास लीचिंग का सर्वाधिक विभत्स अध्याय है।
    यूपीए सरकार में तो राहुल मजबूत हैसियत में थे। वह दोषियों को सजा दिलाने की पहल कर सकते थे। राहुल भी देख लेते कि वह कौन से चेहरे थे। तब शायद क्लीन चिट देना इतना आसान नहीं होता। यही राहुल मास लीचिंग की कुछ घटनाओं के लिए संघ पर आरोप लगाते है। जबकि इसका कोई आधार उनके पास नहीं होता। बात फिर वही भारतीय संस्कारो की आती है। जिसमें क्रूरता संभव ही नहीं है। यह सही है कि हिन्दू समाज की गाय के प्रति आस्था है। केरल में ही जानबूझ कर सड़क पर गोहत्या की गई। उसका मास पका कर पार्टी मनाई गई। यह संस्कार भी कहीं से तो मिला ही होगा। लेकिन संघ विरोध के लिए भी हिंसा का सहारा लेने वाला संघठन नहीं है। वस्तुतः संघ को लोग अपनी अपनी मानसिकता से देखते है। वोटबैंक की राजनीति करने वाले संघ को साम्प्रदायिक करार देते है। जबकि हिंदुत्व के विचार में साम्प्रदायिकता संभव ही नहीं यह वसुधैव कुटुम्बकम का चिंतन है। कोई कहता है कि शाखाओं में महिलाएं नहीं जाती, इसलिए संघ महिला विरोधी है।
    ऐसे आलोचक कुछ दिन शाखाओं में जाये तो उनकी सभी गलत धारणा का जबाब मिल जाएगा। संघ के अनेक आनुषंगिक संघठन की जिम्मेदारी महिलाएं ही संभाल रही है। भारतीय चिंतन में महिलाओं को पूरा सम्मान दिया गया। इस लिए संघ महिला वीरोधी नहीं है। भारतीय  चिंतन में सभी पंथ  मजहब ,को सम्मान दिया गया। इसलिए संघ असहिष्णु नहीं हो सकता। भारतीय चिंतन में अपने विचार को प्रसारित करने के लिए हिंसा के प्रयोग की कोई धारणा नहीं है। इसलिए संघ के स्वयंसेवक हिंसा का सहारा नहीं ले सकते। संघ भारतीय समाज में राष्ट्र सेवा का भाव जागृत करने में लगा है। कश्मीर से लेकर केरल तक इसे देखा और महसूस किया जा सकता है।
    संघ के स्वयं सेवक, सेवाभारती और अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संगठन अपनी जान को जोखिम में डालते हुए पीड़ितों के लिए बचाव और राहत के कार्य में दृढ़तापूर्वक सहयोग कर रहे हैं।
    बात-बात पर कोसने वाले राहुल गांधी को यह भी देखना चाहिए।इस प्राकृतिक आपदा में स्वयंसेवक जाति, धर्म, मजहब के आधार पर नहीं बल्कि पीड़ित की सहायता करने के उद्देश्य से बाढ़ प्रभावित इलाके में लोगों को राहत पहुंचाने में जुटे हैं। अन्य प्रांतों की सरकारों द्वारा जो राहत सामग्री भेजी जा रही है, उसे शीघ्रता से जरूरतमंदों तक पहुंचाने में संघ के स्वयंसेवक दिन-रात लगे हैं। उन्होंने कहा कि इस आपदा में उन लोगों को भी राहत पहुंचाने का कार्य स्वयंसेवक कर रहे हैं, जो संघ व स्वयंसेवकों के प्रबल विरोधी हैं। स्वयंसेवकों की हत्या के आरोपी लोगों के परिवारों तक भी पहुंचकर उनकी सहायता करने में वे पीछे नहीं है। यह सहिष्णुता का संस्कार है।

    Keep Reading

    Raj Thackeray targets Gadkari; says the Petroleum Minister is silent while the Transport Minister is preaching.

    राज ठाकरे ने गडकरी पर साधा निशाना, बोले – पेट्रोलियम मंत्री चुप, ट्रांसपोर्ट मंत्री दे रहे प्रवचन

    नफ़रती ‘कृपा’ पर जननायक की शुचिता भारी

    Launch of a massive green initiative inspired by the ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ (A Tree in Mother’s Name) campaign; Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya plants the first sapling in Jhansi.

    ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से प्रेरित हरित महायज्ञ का शुभारंभ, झांसी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लगाया पहला पौधा

    मंदिरों में विश्वास का संकट – निगरानी की अनदेखी अब महंगी पड़ रही है

    Ethanol Blending Controversy: Public Concern vs. Government Agenda

    एथनॉल ब्लेंडिंग विवाद: जनता की चिंता vs सरकार का एजेंडा

    An Example of Courage: When a Female Officer Won Hearts, Not Power

    साहस की मिसाल : जब एक महिला अफसर ने सत्ता नहीं, बल्कि दिल से जीता

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Raj Thackeray targets Gadkari; says the Petroleum Minister is silent while the Transport Minister is preaching.

    राज ठाकरे ने गडकरी पर साधा निशाना, बोले – पेट्रोलियम मंत्री चुप, ट्रांसपोर्ट मंत्री दे रहे प्रवचन

    July 13, 2026

    नफ़रती ‘कृपा’ पर जननायक की शुचिता भारी

    July 13, 2026
    Launch of a massive green initiative inspired by the ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ (A Tree in Mother’s Name) campaign; Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya plants the first sapling in Jhansi.

    ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से प्रेरित हरित महायज्ञ का शुभारंभ, झांसी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लगाया पहला पौधा

    July 13, 2026

    मंदिरों में विश्वास का संकट – निगरानी की अनदेखी अब महंगी पड़ रही है

    July 13, 2026
    'Flying squirrel' spotted in Ramnagar after 12 years.

    रामनगर में 12 साल बाद दिखी ‘उड़ने वाली गिलहरी’

    July 13, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading