Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, July 28
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    उन्नाव कांड से सरकार की छवि धूमिल

    By April 14, 2018Updated:April 14, 2018 Current Issues No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 615

    श्याम कुमार

    सार्वजनिक जीवन ऐसी फिसलन भरी जमीन होती है, जहां जरा सा चूकने पर व्यक्ति गिर पड़ता है। इस फिसलन का परिणाम कभी हल्की चोट में होता है तो कभी वह जीवन अंधकारमय कर देता है। जब से हमारी राजनीति आदर्श से हटकर व्यवहारवादी हुई है, तब से उसका उद्देश्य जनसेवा के बजाय मात्र सत्ता हासिल करना रह गया है। वैसे, अभी भी सत्ता-प्राप्ति को जनसेवा का नाम दिया जाता है, किन्तु सच्चाई यह है कि राजनीति धन बटोरने तक सीमित हो गई है। राजनीति अलादीन का ऐसा चिराग बन गई है, जिसका स्पर्श पाकर फक्कड़ से फक्कड़ व्यक्ति कुछ ही वर्षों में सैकड़ों व हजारों करोड़ सम्पदा का मालिक बन जाता है। राजनीति में यह भय भी नहीं रहता कि उसकी नाजायज कमाई की कभी जांच होगी। राजनीति अथाह धन कमाने का जरिया तो बन ही गई है, वह अन्य कुकर्मों का भी दलदल बन गई है। गुंडागर्दी, लूट, घोटाले, अय्याशी आदि का सुख भी राजनीति में बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाता है। ‘उन्नाव कांड’ इसका जीता जागता ताजा उदाहरण है।

    विधायक कुलदीप सिंह के प्रकरण ने योगी सरकार को हिलाकर रख दिया। गत फरवरी में लखनऊ में आयोजित निवेश सम्मेलन से योगी सरकार की जो जबरदस्त छवि बनी थी, उन्नाव कांड ने उसपर उतना ही भारी आघात किया हैै। हाल में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक पद पर जब ओमप्रकाश सिंह आसीन हुए थे तो उन्होंने प्रदेश की बदनाम चल रही कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए वह फारमूला अपनाया, जो कल्याण सिंह के प्रथम मुख्यमंत्रित्व काल में उत्तर प्रदेश में अपनाया गया था। उस फारमूले के परिणामस्वरूप अपराधी तत्व या तो उत्तर प्रदेश छोड़कर भाग गए थे अथवा जेल में ठूंस दिए गए थे। उस अच्छी कानून-व्यवस्था के लिए कल्याण सिंह का मुख्यमंत्रित्व काल स्वर्णकाल के रूप में आज तक याद किया जाता है।

    ओमप्रकाश सिंह ने पुलिस महानिदेशक बनते ही उत्तर प्रदेश में अपराधी तत्वों के विरुद्ध कठोर अभियान शुरू कर दिया। बड़े-बड़े बदमाश मुठभेड़ों में धड़ाधड़ मारे जाने लगे। स्थिति यह हो गई कि अपराधी अपनी जान बचाने के लिए जमानत रद्द कराकर जेल के भीतर पहुंचने लगे। इसका नतीजा यह हुआ कि कानून-व्यवस्था के मामले में योगी सरकार जनता की वाहवाही पाने की स्थिति में पहुंच गई। लेकिन ‘उन्नाव कांड’ ने कानून-व्यवस्था की उस सुधरी हुई स्थिति पर गहरा प्रहार कर दिया है। सामूहिक बलात्कार कांड के बारे में तो सच या झूठ के दावे किए जा सकते थे। लेकिन पीड़िता के पिता की थाने में जो निर्मम पिटाई हुई, जिसमें उसकी जान चली गई, उसका किसी भी स्थिति में बचाव नहीं किया जा सकता। पीड़िता के पिता की इस अमानुषिक हत्या का कलंक भी योगी सरकार के सिर पड़ा। योगी सरकार के विरुद्ध विपक्षियों द्वारा चाहे जो घेराबंदी की जाय, सच यह है कि इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निष्कलंक हैं। जानकार सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने सरकार की छवि पर असर पड़ता देख विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की गिरफ्तारी का फैसला कर लिया था। मामला बहुत बिगड़ते देखकर मुख्यमंत्री योगी ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर दिया था और 24 घंटे में उसे रिपोर्ट देने को कहा था। योगी की इस तत्परता से उनके विरुद्ध जा रही जनभावना उनके पक्ष में हुई।

    बताया जाता है कि प्रदेश के एक नेता ने अपने चुनावी हित के कारण एक बड़े केंद्रीय नेता से अनुरोध किया कि वह योगी सरकार को विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बचाने का निर्देश दें। बस यहीं से सारा मामला उलझ गया और जो योगी सरकार विधायक को तत्काल गिरफ्तार कर पूरे मामले को शांत करना चाहती थी, वह उसके बजाय और भी उलझन में पड़ गई। ‘न सौ सुनार की, न एक लोहार की’ वाली कहावत चरितार्थ की इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने, जिसने कह दिया-‘उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।’ यद्यपि उच्च न्यायालय ने योगी की सराहना भी की। अब तक ‘उन्नाव कांड’ को लेकर विपक्षी दल होहल्ला मचा रहे थे तथा अखबार भी कड़ी आलोचना कर रहे थे, उन सबके शोर पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय का उक्त कथन भारी पड़ गया। ‘उन्नाव कांड’ का इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया था। पीड़ित पक्ष की मांग थी कि उक्त प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा कराई जाय। मुख्यमंत्री योगी ने यह मांग स्वीकार कर ली, जिससे गेंद अब उनके पाले से हटकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पाले में चली गई है।

    उन्नाव प्रकरण का असली खलनायक उन्नाव की पुलिस को माना जाना चाहिए। आजकल पुलिस जनता की सेवा के बजाय नेताओं की सेवा में लगी रहती है, इसका ज्वलंत उदाहरण उन्नाव कांड है। पुलिस ने विधायक को बचाने के लिए हर तरह का ‘शीर्षाशन’ किया। विधायक को खुश रखने के जोश में वह यहां तक गिर गई कि उसने बलात्कार-पीड़िता के पिता को ही गिरफ्तार कर लिया और विधायक के भाई को यह छूट दे दी कि उसने थाने में पुलिसकर्मियों के सामने ही पीड़िता के पिता की निर्ममतापूर्वक पिटाई की, जिससे उनकी जान चली गई। विधायक का पुलिस पर इतना जबरदस्त प्रभाव जमा हुआ था कि अल्पकाल में ही भारी यश अर्जित कर रहे पुलिस महानिदेशक ओमप्रकाश सिंह पत्रकारों के सामने विधायक कुलदीप सिंह के नाम का उल्लेख करते समय ‘माननीय’ शब्द लगा बैठे। जब पत्रकारों ने कटाक्ष किया तो ओमप्रकाश सिंह ने सफाई दी कि विधायक अभी दोषी नहीं सिद्ध हुए हैं।

    यहां मुझे एक घटना का स्मरण हो रहा है। मैं जब इलाहाबाद में था, वहां विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता मेरे मित्र थे तथा वह अपनी ईमानदारी के लिए चर्चित थे। मैंने उन्हें फोन कर उनका हालचाल पूछा तो उन्होंने बताया कि वह अभी-अभी माननीय विधायक जी के यहां से चले आ रहे हैं। मैंने विधायक का नाम पूछा तो उन्होंने अतीक अहमद का नाम लिया। मैं चौंक पड़ा और मैंने आश्चर्य से उनसे पूछा कि वह इतनी कलुषित छविवाले व्यक्ति के यहां गए थे। उनका उत्तर मुझे अब तक याद है। उन्होंने कहा- ‘वह कलुषित छविवाले आपके लिए होंगे। मैं सरकारी नौकर हूं और सरकार ने उन्हें माननीय का दर्जा दे रखा है, इसलिए यदि सरकार चाहेगी कि मैं माननीय के बुलावे पर सिर के बल जाऊं तो मुझे जाना पड़ेगा।’ अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बड़ी चतुराई से परिस्थिति को सम्भालना है। ‘गायत्री प्रजापति’ व ‘कुलदीप सिंह सेंगर’ भाजपा सहित सभी पार्टियों में न केवल भरे पड़े हैं, बल्कि हावी हैं। इनकी स्थिति छुट्टा सांड़वाली हो गई है, जिसे सम्भालने के लिए कठोर अंकुश की जरूरत है। योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री मोदी एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से साफ-साफ कह देना चाहिए कि यदि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को वर्ष 2014 वाली उपलब्धि हासिल करनी है तो जनता की दृष्टि में पार्टी की छवि सुधारने के लिए तत्काल प्रयास शुरू करने होंगे। इसके लिए न केवल नेताओं, बल्कि समूची नौकरशाही की प्रवृत्ति एवं छवि को सुधारा जाना अतिआवश्यक है। पुलिस महानिदेशक ओमप्रकाश सिंह को अपराधी तत्वों के विरुद्ध ‘मुठभेड अभियान’ और भी जोरदार तरीके से संचालित करना चाहिए।

    Keep Reading

    Dharmendra 'Pradhan' may face action

    धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: नैतिकता नहीं, भारी आक्रोश के चलते शिक्षा मंत्री पद से हटे

    Rahul Gandhi's strong support for tribals: Will ensure justice for those displaced by the Ken-Betwa project.

    राहुल गांधी का आदिवासियों को बड़ा समर्थन: केन-बेतवा परियोजना में विस्थापितों को न्याय दिलाएंगे

    Yogi's 'Janta Darshan': Listened to grievances, issued instructions, and distributed toffees to children.

    योगी का जनता दर्शन: समस्याएं सुनीं, निर्देश दिए, बच्चों को बांटीं टॉफियां

    Victory for the youth revolution! The arrogant government yields; Minister resigns after 12 years.

    युवा क्रांति की जीत! अहंकारी सरकार झुकी, 12 साल बाद मंत्री ने दिया इस्तीफा

    “My children are inside; I am standing outside” – This hell of child labor must end now.

    ‘मेरे बच्चे अंदर हैं, मैं बाहर खड़ा हूँ’ – बाल श्रम की इस नरक को अब बंद होना चाहिए

    You will feel proud when you look at your reflection in the mirror... You lost your job, but not your principles!

    शीशे में चेहरा देखकर गर्व होगा… नौकरी चली गई, लेकिन सिद्धांत नहीं!

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Mojtaba Khamenei's open support for Hezbollah.

    मोजतबा खामेनेई का हिजबुल्लाह को खुला समर्थन

    July 28, 2026
    vishnu bhagwan ji

    विष्णु सहस्रनाम पाठ: करेगा की जीवन समस्याओं का समाधान

    July 28, 2026
    Trump’s ‘Fool’ Remark Goes Viral! Even Americans Who Oppose War Dubbed ‘Fools’

    अमेरिका के पास हथियारों की कोई कमी नहीं: ट्रंप

    July 28, 2026
    Dharmendra 'Pradhan' may face action

    धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: नैतिकता नहीं, भारी आक्रोश के चलते शिक्षा मंत्री पद से हटे

    July 28, 2026
    Heartbroken over love, suicide video on Instagram – but life saved in 7 minutes!

    प्रेम में टूटा दिल, इंस्टाग्राम पर आत्महत्या का वीडियो – लेकिन 7 मिनट में बच गई जान!

    July 27, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading