नई दिल्ली/भोपाल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित आदिवासियों के पक्ष में मजबूत आवाज उठाई है।
“सत्य और सत्याग्रह से डरती है मोदी सरकार”
राहुल गांधी ने ट्विटर (X) पर आंदोलनरत आदिवासियों का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “सत्य और सत्याग्रह – दोनों से डरती है मोदी सरकार!”
उन्होंने कहा कि आदिवासी भाई-बहन जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल पर इसलिए बैठे हैं क्योंकि उनकी जमीन छीन ली गई, लेकिन उन्हें न तो उचित मुआवजा मिला और न ही सम्मानजनक पुनर्वास।
राहुल का सख्त तेवर
- राहुल गांधी ने जोर देकर कहा:आदिवासी देश के पहले मालिक हैं, जल-जंगल-जमीन पर उनका सबसे पहला हक है।
- उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि गुजर-बसर के लिए उचित सहारा दिया जाए।
- इसके बजाय भाजपा सरकार पुलिस बल से उनके शांतिपूर्ण विरोध को कुचल रही है।
राहुल गांधी का भरोसा:
“हम अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ हैं। उन्हें न्याय दिलाकर रहेंगे इसके साथ ही मुआवजा और पुनर्वास तो देना ही पड़ेगा!”
केन-बेतवा परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर आदिवासी क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं, जहां स्थानीय लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ रहा है। राहुल गांधी का यह बयान विपक्ष की तरफ से परियोजना के क्रियान्वयन और आदिवासी हितों की रक्षा को लेकर उठाए गए सवालों को और मजबूत करता है।
फिलहाल आदिवासी सत्याग्रह पर अब सियासी घमासान तेज!






