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    Home»ब्लॉग»Current Issues

    विकास पर सार्थक संवाद

    By May 2, 2018 Current Issues No Comments8 Mins Read
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    डॉ दिलीप अग्निहोत्री 
    विकास और सुरक्षा से ही किसी सरकार के कार्यो का वास्तविक मूल्यांकन होता है। समाज में भी इन विषयों की चर्चा होनी चाहिए। ऐसे मंथन से सार्थक रास्ता निकलता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सुशासन विरासत में नहीं मिला था। हालात बदलने के लिए उन्हें जी जान से जुटना पड़ा। जातिवादी राजनीति और वित्तीय अनुशासनहीनता ने अनेक प्रकार की समस्याएं पैदा की थी। जिसके चलते उत्तर प्रदेश विकास की दौड़ में बहुत पीछे रह गया। यहाँ निवेश का उपयुक्त माहौल नहीं था। इस संबन्ध में जो करार होते थे उनके क्रियान्वयन में शासन की खास दिलचस्पी नहीं थी। यह स्वीकार करना होगा कि आदित्यनाथ की मेहनत से प्रदेश में विकास और निवेश का माहौल बना है।
    बहुभाषी न्यूज़ एजेंसी हिंदुस्थान समाचार ने इसी मसले पर विचार हेतु राजधानी लखनऊ में संवाद कार्यक्रम रखा। इस प्रकार के कार्यक्रम आज कल अनेक संस्थान कर रहे है। लेकिन इनका कोई सार्थक उद्देश्य नहीं होता। इसमें टीआरपी के प्रति मोह भी रहता है। लेकिन हिंदुस्थान समाचार ने अलग ढंग का प्रयोग किया। इसमें संवाद को उद्देश्यपूर्ण बनाया गया। इसके लिए एक जिला एक उत्पाद का विषय विशेष रूप से निर्धारित किया गया। यह माना गया कि इस प्रकार के संवाद से सार्थक निष्कर्ष निकलेगा। इसका लाभ शासन के साथ ही उद्यमियों को भी मिलेगा। यह सन्योग था कि यह आयोजन नारद जयंती पर हुआ। योगी ने कहा भी प्रदेश का माहौल बदल रहा है। लेकिन इसे नारद जी की निष्पक्ष दृष्टि से देखना होगा। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इसमें केंद्रीय विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने विचार व्यक्त किये। भारतीय विमानन आज रेलवे की बराबरी कर रहा है। रेलवे में तेरह करोड़ लोग सफर करते है। इतने ही लोग हवाई जहाज पर सफर करते है। चार वर्षों में यात्रियों की दुगनी वृद्धि हुई है। पचहत्तर वर्ष में सत्तर हवाई अड्डे बने थे। चार वर्ष में पच्चीस हवाई अड्डे बने। उत्तर प्रदेश में कुछ समय बाद बीस हवाई अड्डे बन जायेंगे। इसमें प्रदेश सरकार का योगदान शामिल है। पिछली सपा सरकार केवल दो हवाई अड्डे चलाना चाहती थी । जयंत सिन्हा का कहना है कि सपा सरकार साइकिल की गति से विकास कर रही थी। योगी और मोदी सरकार बुलेट ट्रेन और हवाई जहाज की गति से विकास कर रही है।
    इसमें कोई कोई संदेह नहीं कि योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की विकसित बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे है।  उन्होंने सबसे पहले निवेश के अनुरूप माहौल बनाया। योगी ने अपने अधिकारियों से कहा कि जितना उत्तर प्रदेश का बजट है, उतने निवेश का लक्ष्य तय करना चाहिए। इस पर अधिकारी हंसे थे। लेकिन साढ़े चार लाख करोड़
    के प्रस्ताव आ गए। इन्वेस्टर्स समिट के तीन महीने में ही एक लाख करोड़ के निवेश पर क्रियान्वयन भी शुरू हो गया।
    सरकारी क्रय केंद्रों ने  गेंहू , धान खरीद का रिकार्ड बनाया। किसानों के खाते में सीधे धन भेजा गया। कौशल विकास में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। गरीबो के आवास बनाने में उत्तर प्रदेश एक वर्ष पहले सत्रहवें स्थान पर था। आज नम्बर वन है। शौचालय निर्माण में तेइसवें स्थान पर था। आज नम्बर वन है। एक जनपद एक उत्पाद की ओर कभी ध्यान नही दिया गया। इनकी पहचान मिटती गई। अब अभियान चलाकर इसे नौकरी व रोजगार से जोड़ा जयेगा। तीन वर्ष में तीस लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। सपा सरकार आगरा एक्सप्रेस के निर्माण पर गर्व करती है, लेकिन उसने आस पास के गांवों को उसके लाभ से वंचित कर दिया। यह उनका समाजवाद था। भाजपा ने इन गांवों को एक्सप्रेस योजना से जोड़ने की योजना बनाई है।
    बेसिक स्कूलों की दशा चौपट थी। एक वर्ष में ढाई हजार बेसिक स्कूल आदर्श बनाये गए। एनसीआरटी की किताबों से शिक्षा में समानता लाई गई। राजनीति में भेदभाव को मुद्दा बनाया जाता है। लेकिन शिक्षा के भेदभाव एक वर्ष में दूर किया गया। योगी को बदहाल प्रदेश विरासत में मिली थी। कर्मचारियों के वेतन देना भी मुश्किल था। फिजूल खर्ची चल रही थी। वित्तीय एजेंसी कर्ज देने को तैयार नहीं थी। फिर भी उनकी सरकार ने बिना किसी सहायता के किसानों की कर्ज माफी किया। गन्ना किसानों का भुगतान किया गया। देश का पहला राज्य है जिसने कुछ ही महीने में अस्सी हजार करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजे है। पिछली सरकार के समय जातिवाद और भर्ष्टाचार था। भर्तियों में जम कर  जातिवाद चलता था। उनकी सरकार ने इसे रोका।
    एक वर्ष में ग्यारह लाख लोगों को आवास दिए गए। गरीब कन्याओं के विवाह हेतु पैतीस हजार रुपये देने की घोषणा की गई । शहरी क्षेत्र में चार लाख शौचालय बनाये गए। चार लाख किसानों की कर्ज माफी इतनी सफलता के साथ कहीं नहीं कि गई।  इसके लिए जनता पर कोई भार भी नहीं डाला गया। नकल विहीन परीक्षा कराना सपना था, लेकिन उनकी सरकार ने इसे साकार किया। बारह लाख छात्रों ने बोर्ड परीक्षा छोड़ी। जांच से पता चला कि इनमे पचहत्तर प्रतिशत छात्र उत्तर प्रदेश के बाहर के थे। ये मुन्ना भाई थे। प्रायमरी स्कूल के बच्चों को स्वेटर, ड्रेस, जूता, मोजा दिया गया। तीस लाख फर्जी राशन कार्ड पकड़े। इससे अधिक ऐसे लोगों को राशन कार्ड दिए गए, जिनके पास कार्ड नहीं था। पैतीस हजार करोड़ रुपये का घोटाला केवल पारदर्शी वितरण से रोका गया। इकहत्तर जिले बिजली वितरण में भेदभाव झेलते थे। इसे समाप्त किया गया। समान और न्यायपूर्ण वितरण के आदेश दिए गए।  इन्वेस्टर्स  समिट को अनुमान से अधिक सफलता मिली। इसके माध्यम से निवेश का आंकड़ा पांच लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने जा रहा है। इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि योगी आदित्यनाथ ने इन निवेश प्रस्तावों  को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी स्वयं संभाली है।  इसके लिए अनुकूल माहौल बनाया गया है।
    प्रस्तावों पर समयबद्ध और पारदर्शी तरीके  से निर्णय लिया जाएगा। उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति लागू कर दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के तहत सिंगल विंडो क्लियरेंस विभाग की स्थापना कर दी गई है।  मेक इन इंडिया की सफलता का लाभ  मेक इन उत्तर प्रदेश विभाग की स्थापना की गई। औद्योगिक पार्कों ,क्लस्टर, एग्रो पार्क की स्थापना की जा रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान लागू किया गया। निवेश मित्र सिंगल विंडो बेव पोर्टल का लोकार्पण हो चुका है। इससे सभी विभागों का ऑनलाइन इंटीग्रेशन होगा। मेसर्स सैमसंग की लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर की गई। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का निर्माण होगा। यह देश की सबसे बड़ी एक्सप्रेस वे होगी।
    बुन्देलखण्ड क्षेत्र को औद्योगिक एवं आर्थिक विकास से जोड़ने के लिए बुन्देलखण्ड लिंक एक्सप्रेस लिंक वे बनाई जाएगी।   दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर,और अमृतसर दिल्ली कोलकत्ता इंडस्ट्रियल परियोजना  के उत्तर प्रदेश के हिस्से में तेजी से कार्य होगा।
    प्रधानमंत्री आवास योजना, दीनदयाल उपाध्याय शहरी आजीविका मिशन, स्मार्ट सिटी आदि का कार्य भी प्रगति पर है। इसमें स्वच्छता अभियान, एलईडी लाइट, नमामि गंगे, सुनियोजित विकास, सबको विकास, सुगम यातायात, कनेक्टिविटी, को बढ़ावा दिया गया। गांवों को भी विकास से जोड़ा गया। प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना , ग्रामीण पेयजल योजना, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और दिव्यांग सशक्तिकरण के कई कार्यक्रम शुरू किए गए। बत्तीस लाख परिवारों को बिजली के कनेक्शन दिए गए।
    इसी प्रकार पिछड़ा वर्ग कल्याण के अनेक कार्यकम तेजी से लागू किये गए। सबका साथ सबका विकास के अनुरूप अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाएं लागू की गई। डेढ़ गुना अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई । बच्चो का पोषण, प्रतिभा के सम्मान की ओर ध्यान दिया गया। कर प्रक्रिया को सरल बनाया गया।  इससे राजस्व में वृद्धि  हुई है। ऋणमोचन को नया आयाम दिया गया। पारदर्शिता से भूतत्व एवं खनिकर्म की आमदनी बढ़ी है।
    एन्टी भूमाफिया अभियान चलाकर पीड़ितों को न्याय दिलाया जा रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व कार्य एक वर्ष में किये गए। अयोध्या में दीपोत्सव, मथुरा में होली को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की योगी आदित्यनाथ ने स्वयं पहल की थी।
    पारदर्शिता के प्रतिमान, संस्कृति के प्रतिमान, कारीगरी ग्रामोद्योग, स्वावलंबन को बल, आईटी से रोजगार को प्रोत्साहन दिया गया। मुख्यमंत्री ने हर जिले में रोजगार के अवसर बढ़ाने और कभी जिलों की पहचान रहे उद्योगों को पुनर्जीवित करने के लिए ‘एक जिला-एक उत्पाद की योजना बनाई थी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और निर्यात प्रोत्साहन विभाग की ओर से सभी पचहत्तर जिलों के लिए चयनित एक-एक उत्पादों के लिए विशेष कार्ययोजना है। इसमें हर जिले के समृद्ध शिल्प कौशल को प्रोत्साहित किया जाएगा।
    इस योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश स्तर पर अपर आयुक्त उद्योग की अध्यक्षता में ओडीओपी सेल का गठन किया गया है। इसी तरह जिला स्तर पर जिलाधिकारी की, शासन स्तर पर प्रमुख सचिव एमएसएमई और शीर्ष स्तर पर अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में शीर्ष स्तर की समिति बनाई गई है। इस योजना के केंद्र में  फोर पी को रखा है। पीपुल, प्लेस, प्रोडक्ट और प्रिजर्वेशन पर केंद्रित इस योजना से पांच वर्ष में  पच्चीस हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दिलाकर हर साल पांच लाख और पांच वर्ष में  पच्चीस लाख लोगों को रोजगार दिलाने का लक्ष्य है। जाहिर है कि संवाद कार्यक्रम अपने उद्देश्य में सफल रहा।

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