भ्रष्टाचार बनाम भ्रष्टाचार
पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी. चिदम्बरम एक सौ पांच दिनों तक दिल्ली के तिहाड़ जेल में रहने के बाद आखिरकार रिहा हो गये। हालांकि उनकी गिरफ्तारी को कांग्रेस राजनीति से प्रेरित बता रही है पर उनके ऊपर करोड़ों रुपयों की अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। ये तथ्य बात वास्तव में गम्भीर है। सच यह भी है कि ऐसा पहला मामला नहीं है। पूर्व में भी राजनीतिज्ञों पर ऐसे आरोप लगे हैं और कुछ तो उनमें बाकायदा जेल भी काट चुके हैं। देश में इस समय जो हाल एक के बाद एक करके सामने आता जा रहा है, उसके मुताबिक महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोग अपने हिसाब से एक से एक लम्बे गोलमाल को अंजाम दे रहे हैं। इनमें भी अधिकांश मामलों में राजनीतिज्ञों का नाम आता है।
यह तो हुई सिस्टम की बात लेकिन ध्यान देने का तथ्य यह है कि आखिर ऐसा होता क्यों है कि महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोगों को भ्रष्टाचार में लिप्त होना अनिवार्य ही हो। अब अधिकाधिक पैसा कमाना ही दुनिया का नियम होता जा रहा है तो ऐसे मामलों की भी बाढ़ सी भी लगी है। इसलिये जरूरी है कि ऐसा करने वालों को सख्त सजा भी मिले। ध्यान रखने की बात यह भी है भ्रष्टाचार करने वालों को सजा दिलाने के उत्साह में हम कुछ आगे तो नहीं बढ़ रहे हैं।
चिदम्बरम के मामले में ही कोर्ट ने अपने निर्णय किसी न किसी आधार पर ही दिये, आरोपों का भी आधार रहा होगा और जेल भेजने का। अब हमारी न्याय प्रक्रिया आरोपित को भी अपना पक्ष रखने का बराबर का अवसर देती है ताकि उसकी बात अनसुनी न हो और वह न्याय से वंचित न रहने पाये। आईएनएक्स मीडिया मामले की सुनवाई के दौरान चिदम्बरम के वकीलों ने ये बताने की पुरजोर कोशिश की है कि उनके मुवक्किल का कोई दोष नहीं है। जाहिर है इसके उन्होंने आधार दिये होंगे। न्याय देने की प्रक्रिया यहीं सबसे उत्तरदायित्वपूर्ण बिंदु से गुजरती है जब ध्यान रखने का मुद्दा महत्वपूर्ण हो जाता है।
चिदम्बरम चूंकि देश के सर्वाधिक महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रह चुके हैं और उसके बावजूद उनके ऊपर ये आरोप लगा है तो इसलिये यह और भी जरूरी बन जाता है कि इस मामले में अधिकाधिक सतर्कता के साथ काम लिया जाय। हालांकि अच्छा यह होगा कि उच्च पदों पर भ्रष्टाचार की शिकायतें न आने दी जायें लेकिन इसके लिये पूरी पारदर्शिता तथा ईमानदारी के साथ काम करने की आवश्यकता है। क्या आज के वातावरण में यह सम्भव है? यह सवाल इसलिये भी जरूरी हो जाता है क्योंकि हम विश्व में महत्वपूर्ण रूप से अपना स्थान सुरक्षित करने की ओर तेजी के साथ अग्रसर हो रहे हैं।







