तोड़- जोड़ जिंदाबाद

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जी के चक्रवर्ती

महाराष्ट्र में चुनाव सम्पन्न हुए एक माह से अधिक के समय गुजर जाने के बावजूद भी वहां सरकार बनने को लेकर अलग -अलग राजनीतिक पार्टियों में अब तक जोड़-तोड़ जुगाड़ ही चलता रहा लेकिन कोई भी आगे नही आया और अचानक ही रातो-रात सरकार बनने को लेकर वहां पर सत्ता का खेल पूरी तरह से पलट गया है। महाराष्ट्र में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना द्वारा मिलकर सरकार बनाने की जो बातें अब तक सामने आ रही थीं अचानक उसके बन्द हो जाने के बाद मौजूदा समय मे एनसीपी और बीजेपी ने मिलकर राज्य में सरकार बना ली है।
जिस भारतीय जनता पार्टी ने एक बार अजीत पवार के साथ सत्ता बनाने के लिये जो जोड़-जुगत की रणनीति बनाई थी उसके सांझ डलते ही ज्योति बुझने लगी, जिस एनसीपी के दम पर बीजेपी ने सत्ता पर काबिज होने का स्वांग रचा वह इतिहास बन गया!अजीत पवार के पास मात्र 5 ही विधायक थे अब वे भी उनके पास नहीं बचे बेचारे !
हम आप मे से अधिकतर लोग अपने-अपने बचपन के दिनों की याद करे तो उस वक्त बचपन मे हम अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर खेल खेलने के दौरान जब हम सभी बच्चे किसी भी बात को लेकर आपस मे एक मत नहीं हुआ करते थे ऐसे में हम आपस मै ही अपनी टीम के सभी साथी मिलकर अपनी अपनी बात रखते वह भी बचकानी तर्कों के साथ उसके पश्यचात स्वमं ही निर्णय भी कर लिया करते थे ज़ब बात बन जाती तो हम सभी साथी खुश हो कर होहल्ला मचाते -तालियां पीटते, इस तरह के शोर-शराबे को सुनकर घर के बड़े बुजुर्ग यह सोच कर वहाँ पर फौरन आ धमकते कि कहीं बच्चों के आपस मे ही लड़ाई -झगड़ा तो नहीं हो गया लेकिन जब वहां पहुंच कर वे देखते की आपस मे सब ठीक-ठाक है केवल तनिक शोर मचा रहे है तो बच्चों को समझाते हुये कहते हैं कि बच्चों शोर -शराबा नही करो आराम से खेलो-कूदो! कहने का अर्थ है कि ज़ब छोटे-छोटे बच्चे आपसी लड़ाई-झगड़े का हल स्वमं निकाल सकते है तो हम बड़े राजनेता लोग हल क्यों नहीं निकाल सकते हैं वैसे यदि हम सच कहें तो ये राजनीतिक नेता लोग बहुत स्वार्थी होते है इन्हें जनता से कोई सरोकार नहीं होता है , वल्कि इनके लिए स्वमं का हित-अनहित सर्वोपरि होता है इसके साथ ही साथ उनके अन्दर की लालसा जो कभी खत्म होने का नाम ही नही लेती है।
अभी कल तक निरर्थक ही चर्चाएं चलती रही कहीं दूर-दूर तक भी इस बात की चर्चा भी नहीं थी कि बीजेपी और  एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना सकती है जबकि घटना क्रम बदलते देर नही लगी इधर से उधर अपना पाला बदला और सुबह होते ही सूर्य अपना प्रभात प्रकाश धरती पर फैला पता कि महारष्ट्र में सीएम और डिप्टी सीएम की शपथ की खबरें  जंगल की आग की तरह चारो ओर फैलने लगी किसने देखा, उसने देखा कि तर्ज पर आवाज गूंज उठी देखिये है, न आश्चर्यजनक बातें डिप्टी सीएम के विरुद्ध जाँच चल रही है नहीं माने तो जेल भी हो सकती है अन्दर जाने को तैयार रहो, ऐसा सुनते ही.. अपना पाला बदल लिया और हो गई शपथ ग्रहण समारोह यह है आज वर्तमान समय की राजनीति, अपने दुश्मन को ढूंढों, शत्रु को पहचानो… दबाव बनाओ, और सत्ता संभालो भले ही आप मे काबलियत हो या नही आप उसके काबिल हो या नही कौन पूछेगा? क्या फर्क पड़ता है भाई हम यहां के हैं चौकीदार कुछ तो…… कुछ जाने को.तै…….खबरदार-ख़बदार, ये दुनिया नही जागीर किसी की……तो जनाब देखिये आगे आगे देखिये होता है क्या?

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