Lucknow Book Fair का समापन आज: किताबों के संग सीडी डीवीडी भी हैं खास

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मोतीमहल लान में राष्ट्रीय पुस्तक मेला का समापन आज


लखनऊ, 19 अगस्त। इंटरनेट युग में किताबों की दुनिया किस तरह बदलती जा रही है, इसका एक अंदाजा यहां मोतीमहल वाटिका लाॅन राणा प्रताप मार्ग में 11 अगस्त से प्रारम्भ राष्ट्रीय पुस्तक मेला घूमकर लिया जा सकता है। आज शनिवार के दिन मेले में पुस्तक प्रेमियों की उमड़ी भीड़ की बदौलत खूब रौनक रही। पुस्तक मेले का कल आखिरी दिन होगा।
मेले में आने वालों को यहां किताबों के साथ ही स्मार्ट क्लास के पाठ्यक्रम भी तिरुमाला साफ्टवेयर और वेब क्लास एजूकेशन जैसे स्टालों पर दिख रहे हैं। मेले में सीडी-डीवीडी के भी कई स्टाल हैं। वेब प्रकाशन की योजना के साथ आनलाइन गाथा का स्टाल मेले में है। बच्चों की रुचि किताबों के अलावा खालसा स्टिकर्स और क्रिएटिव साइंटिफिक एड के खेल-खेल में बहुत कुछ सिखाने वाले खिलौनों व उपकरणों में दिख रही है। मेले में एक ओर 20 रुपये तक की किताबें है तो दूसरी ओर कई-कई खण्डों की पुस्तकों के सेट हैं। आकाशवाणी के स्टाल पर डागर बंधु, बड़े गुलाम अली खां, बिस्मिल्लाह खां, भीमसेन जोशी व बेगम अख्तर जैसी संगीत क्षेत्र की दिग्गज हस्तियों के साथ ही रामचरित मानस के सातों काण्डों के सेट की सीडी उपलब्ध हैं। मेले के आयोजक देवराज अरोड़ा ने बताया कि मेले का समापन कल शाम चार बजे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य करेंगे और निःशुल्क प्रवेश वाला यह मेला रात नो बजे समाप्त हो जाएगा।
मेले की गतिविधियों में सुबह सांस्कृतिक मंच पर लेखक से मिलिए कार्यक्रम के अंतर्गत नालेज हब की ओर से डा.रंगनाथ मिश्र सत्य, डा.श्याम गुप्त व डा.त्रिवेणीप्रसाद दुबे पुस्तक प्रेमियों से रूबरू हुए। इसके उपरांत फैजाबाद के डा.लालताप्रसाद साहित्य सेवा संस्थान के संयोजन में कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह हुआ। अपराह्न ‘वेलकम टू सज्जनपुर’ जैसी फिल्मों के लेखक कथाकार अशोक मिश्र ने बताया कि कहानियां कैसे कही जाएं। उन्होंने शिवमूर्ति और कामतानाथ की कथाएं कहने के साथ ही दक्षिण भारत की लघुकथाएं यहां श्रोताओं के समक्ष रोचक चुटाले अंदाज में रखीं। अध्यक्षता बनारस के प्रो.योगेन्द्र ने की।
अलका प्रमोद के कथा संग्रह ‘न जाने क्यों’ के लोकार्पण व चर्चा में हुए कार्यक्रम में डा.अमिता दुबे, सर्वेश अस्थाना, प्रो.ऊषा सिन्हा, डा.ऊषा चैधरी, पद्मकांत शर्मा ने लेखिका के साथ विचार रखे। रहबर जौनपुरी की सदारत व रफत शैदा की निजामत में वासिफ फारुकी, सरवत जमाल, अरशद आजमी, रिजवान अहमद, वसीम हैदर इत्यादि शायरों के कलाम देर शाम तक उर्दू तहफ्फुज व तरक्की बोर्ड की ओर से साजिदा सबा के संयोजन में आयोजित मुशायरे में गूंजते रहे।
पुस्तक मेले में आज 20 अगस्त 2017
पूर्वाह्न 11.00 बजे – डा.सुल्तान एस.हाशमी के महाकाव्य आचार्य नरेन्द्र देव का लोकार्पण व परिचर्चा
अपराह्न 2.00 बजे – राकेश ऋषभ की पुस्तक अमृतांजलि का लोकार्पण
शाम 4.00 बजे – समापन समारोह