बहुजन समाजवादी पार्टी ‘बसपा’ की प्रमुख ने किसान आंदोलन के ’विरोध दिवस’ का समर्थन किया है उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा कि तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की माँग को लेकर देश के किसान कोरोना के इस अति-विपदाकाल में भी लगातार आन्दोलित हैं। आन्दोलन के 6 महीने पूरे होने पर कल 26 मई को उनके देशव्यापी ’विरोध दिवस’ को बीएसपी का समर्थन। केन्द्र को भी इनके प्रति संवेदनशील होने की जरूरत।
26 मई को किसान आंदोलन की आवाज बनेगे, बिहार-यूपी के बहुजन संगठन!
लखनऊ, 25 मई, 2021: मौसम की मार झेलते हुए महामारी के बीच किसान खेत-खेती-रोटी बचाने के लिए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर मोर्चे पर डटे हुए हैं. लेकिन केन्द्र सरकार किसानों की आवाज को अनसुना कर रही है। बता दें कि 26 मई को किसान आंदोलन के 6 महीने पूरा हो रहे हैं।
रिहाई मंच के राजीव यादव ने एक प्रेस नोट के माध्यम से कहा कि खेत-खेती-रोटी पर कॉरपोरेट कब्जा करने के लिए लाए गये तीन कृषि कानूनों के पहले से ही जल-जंगल-जमीन को कॉरपोरेटों के हवाले करने के लिए आदिवासियों का खून बहाया जा रहा है. अभी 17 मई को छत्तीसगढ़ में शांतिपूर्ण आंदोलन पर पुलिस फायरिंग में तीन आदिवासी मारे गये हैं।







