- सर्विस प्रोवाइडर्स देश के लगभग आधे 1.13 लाख एटीएम बंद करने पर विवश हो सकते हैं
- भारत में लगभग 2.38 लाख एटीएम मशीनें, अर्थशास्त्री जता रहे नोटबंदी जैसे हालात की संभावना
नई दिल्ली, 26 नवंबर 2018: वैश्विक बाजार पर नज़र रखने वाले अर्थशास्त्रियों ने आशंका जताई है कि मार्च, 2019 तक देश के आधे एटीएम बंद हो सकते हैं! बता दें कि इस मामले पर उद्योग संगठन कंफेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (कैटमी) द्वारा आगाह किये जाने को लेकर अर्थशास्त्रियों ने चिंता जाहिर की है और कहा है कि देश के आधे एटीएम बंद होते हैं, तो देश में नकदी की कमी, बैंकों में लंबी-लंबी कतारें और एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात बन सकते हैं।
ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लिबरल स्टडीज, अर्थशास्त्र के सहायक प्रोफेसर और अर्थशास्त्री अमित बसोले ने बेंगलुरू से आईएएनएस को ई-मेल के माध्यम से यह आशंका जाहिर की है।
बता दें कि कैटमी ने पिछले बुधवार को चेतावनी दी थी कि एटीएम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर अपग्रेड के साथ ही नकदी प्रबंधन योजनाओं के हालिया मानकों के कारण मार्च 2019 तक संचालन के अभाव में 50 फीसदी एटीएम बंद हो जायेंगे। इस खबर पर अर्थशास्त्री अमित बसोले कहते हैं कि अगर वे मशीनों में आवश्यक सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर अपग्रेड नहीं करते हैं तो एटीएम को बंद करने की आवश्यकता हो सकती है। एटीएम उद्योग के लोग कह रहे हैं कि समय सीमा के भीतर यह परिवर्तन करना संभव नहीं हैं, इसलिए यह अपेक्षित रूप से बंद होंगे।
एटीएम मशीनें बढ़ाने के बजाय बंद करना क्या सही निर्णय होगा?
रिपोर्ट के अनुसार कैटमी के अनुसार भारत में इस समय लगभग 2.38 लाख एटीएम मशीनें हैं। सर्विस प्रोवाइडर्स को देश के करीब 1.13 लाख एटीएम बंद करने पर विवश होना पड़ सकता है। बताया गया है कि इनमें एक लाख ऑफ-साइट और 15,000 से ज्यादा वाइट लेबल एटीएम हैं। जिन इलाकों में केवल एक या दो एटीएम मशीनें हैं और लोगों को पैसे मिलने में कठिनाई होती है। उन जगहों पर एटीएम मशीन की संख्या बढ़ाने के बजाय इनको बंद करना क्या सही निर्णय होगा?







