स्टार्टअप के लिए जुटाए गए कोष की जांच नहीं, कॉरपोरेट सेक्टर को राहत से रोजगार सृजन का प्रयास,
सोना और अन्य मूल्यवान धातुओं पर सीमा शुल्क बढ़ा
नई दिल्ली, 06 जुलाई 2019: लोकसभा में दूसरी मोदी सरकार के गठन के बाद आम बजट एक फिर आपके सामने है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश वर्ष 2019-20 के बजट में कारपोरेट सेक्टर को जहां राहत मिली है वहीं मध्यम आयवर्ग इससे आहत हुआ है। इस बजट में वित्त मंत्री का फोकस भारतीय अर्थव्यवस्था को पांच खरब डालर की बनाने और कारपोरेट सेक्टर को राहत के जरिए रोजगार सृजन पर रहा।
वित्त मंत्री का मानना है कि कारपोरेट सेक्टर को प्रोत्साहन देने से देश में ज्यादा विदेशी निवेश आएगा, कंपनियां मजबूत होंगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह भारत के नए भविष्य का निर्माण करेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यू इंडिया के सपने को साकार करेगा।
दुनिया की हम छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं, गांव गरीब और किसान हमारी हर योजना के केंद्र बिंदु हैं। – निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त मंत्री
बजट में पेट्रोल और डीजल की कीमतें दो-दो रपए बढ़ाकर वित्त मंत्री ने आम आदमी को जोर का झटका दिया है। सरकार की इस पहल से महंगाई फिर से सिर उठा सकती है। लंबे अर्से से सुस्ती के दौर से गुजर रहे रीयल एस्टेट सेक्टर में जान फूंकने के लिए बड़ी राहत दी गई है। इसके तहत 45 लाख रपए मूल्य तक के मकानों की खरीद के लिए बैंक कर्ज के ब्याज पर डेढ़ लाख की अतिरिक्त छूट दी गई है। इससे अब होम लोन के 3.50 लाख रपए के ब्याज पर कर छूट मिलेगी। आयकर के मोर्चे पर मध्यम वर्ग को कोई राहत नहीं दी गई है। अमीर लोगों पर कर का बोझ बढ़ा दिया गया है।
आयात शुल्क बढ़ने से सोना, मेवा, सिगरेट, तंबाकू और न्यूजप्रिंट समेत कई चीजें महंगी हो गई हैं। कारपोरेट सेक्टर को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने कारपोरेट टैक्स को कम किया है जबकि स्टार्टअप को आयकर जांच से छूट दी है। वित्त मंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र को आवंटन में 78 फीसद इजाफा किया है।
पेट्रोल और डीजल सिगरेट, हुक्का और तंबाकू सोना और चांदी पूरी तरह आयातित कार स्पिलिट एसी लाउडस्पीकर डिजिटल वीडियो रिकार्डर आयातित किताबें सीसीटीवी कैमरे, काजू गिरी, आयातित प्लास्टिक साबुन के निर्माण में काम आने वाला कच्चा माल विनाइल फ्लोरिंग आप्टिकल फाइबर सेरामिक टाइल और वाल टाइल्स वाहनों के आयातित कल-पुज्रे न्यूज¨पट्र और पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन में काम आने वाले कागज, संगमरमर की पट्टियां।
बैट्री से चलने वाले वाहनों के कलपुज्रे कैमरा मॉड्यूल और मोबाइल फोन के चार्जर सेटअप बाक्स आयातित रक्षा उपकरण जिनका निर्माण भारत में नहीं किया गया हो।
यह चीजें हुई सस्ती:
सेट टॉप बॉक्स, कैमरा माड्यूल, मोबाइल चार्जर, इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों के पुर्जे, इसके साथ ही रक्षा उपकरणों का आयात हुआ सस्ता
कंपनियों को फायदा
- 400 करोड़ रपए के टर्न ओवर वाली कंपनियों को देना होगा 25 फीसद कारपोरेट टैक्स। पहले 250 करोड़ रूपए के सालाना टर्नओवर वाली कंपनियों को 25% कॉरपोरेट टैक्स देना होता था। इससे ज्यादा टर्नओवर पर 30% टैक्स लगता था।
- देश में कुल 99.3% रजिस्र्टड कंपनियों को इसका फायदा मिलेगा।
- सरकार सभी सीपीएसई में अपनी हिस्सेदारी 51% से नीचे लाएगी जिससे सरकारी कंपनियां निजी हाथों में चली जाएंगी
एक करोड़ से ज्यादा की निकासी पर दो फीसद टीडीएस
पैन नहीं होने पर आधार के जरिए आयकर रिटर्न भरने की छूट
- पेट्रोल और डीजल पर एक-एक रूपए प्रति लीटर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क तथा सड़क एवं बुनियादी ढांचा उपकर लगाया गयाद रेलवे में 2030 तक बुनियादी ढांचा में सुधार के लिए 50 लाख करोड़ रपए के निवेश की जरूरतद बीमा बाजार में बिचौलिए का काम करने वालों के लिए 100 फीसद एफडीआईद खेलो इंडिया योजना का विस्तार किया जाएगा
- आयातित किताबों पर 5 फीसद बेसिक सीमा शुल्कद कृत्रिम किडनी के कच्चे माल और डिस्पोजेबल स्टरलाइज्ड डाइलाइजर तथा परमाणु बिजली घरों आदि के लिए सीमा शुल्क घटाद काजू गिरी, पीवीसी, टाइल्स, वाहनों के कलपुजरे, मार्बल स्लैब, आप्टिकल फाइबर केबल, सीसीटीवी कैमरा आदि पर सीमा शुल्क बढ़ा
- सालाना 1.5 करोड़ रूपए से कम का कारोबार करने वाले करीब तीन करोड़ खुदरा व्यापारियों, छोटे दुकानदारों को पेंशन लाभ







