बाराबंकी, 11 सितम्बर 2019: बीते 6 सितंबर को रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लालपुर के निकट जंगल मे फेंकी गई 3 घंटे की नवजात बालिका को चाइल्ड लाइन ने रेस्क्यू कर जिला महिला चिकित्सालय की एसएनसीयू में भर्ती कराया है जहाँ उसके वजन सामान्य होने तक ऑब्जरवेशन पर रखकर उपचार किया जा रहा है। आज नवजात बालिका के उपचार की जानकारी व हाल चाल लेने बाल कल्याण समिति न्यायपीठ जिला अस्पताल पहुंचकर नवजात को देखा और चिकित्सकों को निर्देश दिया कि जब तक नवजात का स्वास्थ्य सामान्य न हो जाय तब तक बालिका को भर्ती रखकर इलाज किया जाय।
एस एन सी यू में तैनात चिकित्सक डॉ विस्वास चंद्रा ने बताया कि नवजात को जब भर्ती कराया गया था तो उसका वजन दो किलो था तीन दिन बाद वजन घटकर एक किलो 800 ग्राम का हो गया है, जो कि जन्म दे दो सप्ताह तक शिशु के वजन घटने की प्रक्रिया के अनुसार सामान्य घटना है। अब इसके बाद शिशु का वजन बढ़ेगा। शिशु की देखभाल के लिए यूनिट की स्टाफ नर्स मोनिका चाइल्ड का केयर कर रही हैं वहीं चाइल्ड लाइन की टीम सदस्य सुश्री जीनत बेबी, श्री मनीष सिंह निरंतर शिशु की निगरानी में है।
बाल कल्याण समिति न्यायपीठ की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी श्रीवास्तव, सदस्य श्री रत्नेश कुमार व डॉ शशि जायसवाल ने निर्देश दिया कि बालिका का दो किलो 500 ग्राम के वजन होने व स्वस्थ्य होने पर ही अस्पताल से उसे डिस्चार्ज किया जाय क्योंकि बाल गृह में शिशु को दाखिल कराया जाना है जहाँ दाखिल करने मानक में है कि शिशु का वजन ढाई किलो से कम नही हो। ढाई किलो के वजन होने व स्वस्थ्य होने की रिपार्ट बाल कल्याण समिति को भेजने के बाद ही समिति न्यायपीठ के आदेश मिलने के बाद शिशु को अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाय।






