अंतरराष्ट्रीय न्यायविद परिषद के अध्यक्ष ने अमेरिका द्वारा चीन पर लगाये जा रहे आरोप को बताया सही 

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  • लखनऊ विश्वविद्यालय में शुरू हुआ “क्वेस्ट फॉर वर्ल्ड पीस इन 21 सेंच्युरी” विषय पर तीन दिवसीय वेबिनार,
    तीन सौ अध्यापकों व विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

लखनऊ, 26 मई 2020: लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय द्वारा “क्वेस्ट फॉर वर्ल्ड पीस इन 21 सेंच्युरी” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन मंगलवार को शुरू हुआ। वेबिनार का उद्घाटन वरिष्ठ अधिवक्ता, अखिल भारतीय बार काउंसिल एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा न्यायविदों की अंतरराष्ट्रीय परिषद, लंदन के अध्यक्ष डॉ आदिश चंद्र अग्रवाल ने किया।

 

वेबिनार के विषय पर प्रकाश डालते हुए डॉ आदिश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि यह एक अलग प्रकार का मुद्दा है, जिसके बारे में कोई बात नहीं कर रहा है। उन्होंने विश्व के विकसित और विकासशील देशों की गिरती हुई अर्थव्यस्था का ज़िक्र किया। उन्होंने अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए जा रहे आरोपों को तर्कसंगत बताते हुए यह भी कहा कि यदि चीन समय पर डब्ल्यू एच ओ को इस बीमारी से अवगत करा देता तो यह महामारी पूरे विश्व के लिए संकट न बनती। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि चीन ने छह हफ्ते देरी से डब्ल्यू एच ओ को इस बीमारी से अवगत कराया, जबकि वुहान में पहला केस दिसंबर में पाया गया था। उन्होंने भारत की वर्तमान स्थिति के बारे में बात करते हुए इस बारे में भी बात की कि भारत के लोग और सरकार किस प्रकार इस महामारी से निपट रहे हैं।

विधि संकाय के डीन प्रो. सीपी सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आज के परिदृश्य का एक ज्वलंत मुद्दा है तथा विश्व के सभी देश इस भयावह महामारी से जूझ रहे हैं। उन्होंने इस महामारी के दौरान अंतरराष्ट्रीय शांति पर मंडरा रहे खतरों के बारे में चर्चा करते हुए प्रदूषण, आतंकवाद, तेल के बढ़ते दाम तथा हथियारों पर अन्य देशों द्वारा किये जा रहे अत्यधिक खर्च को विश्व शांति के लिए खतरा बताया।

आज प्रथम दिवस प स्वाति सिंह परमार ने “यूज ऑफ लॉ इन इंटरनेशनल पीस कीपिंग” विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि सरकार को शांति की ऑन-दी-स्पॉट कार्रवाई के बारे में सोचना चाहिए। उन्होने नकारात्मक और सकारात्मक शांति के बारे में भी बात की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के बारे में बात की और कानूनी अधिकारों और राजनीतिक हितों के बारे में बताया।

इस वेबिनार में देश की विभिन्न जगहों से लगभग 400 विद्यार्थियों, अध्यापकों, विधि पेशेवरों तथा अनुसंधान एवं पीएचडी स्कॉलर आदि ने भाग लिया। वेबिनार के आयोजन सचिव विधि संकाय विवि के प्रो. मोहम्मद अहमद ने सभी अतिथि वक्ताओं का अभिनंदन किया तथा विषय पर अपने विचार प्रकट किये।

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