ख़राब सामान देने पर दुकानदार को मिल सकती है कड़ी सजा!

0
410

हमारे देश के सभी उपभोक्ताओं को कई अधिकार मिले हुए है लेकिन जन साधारण को अपने अधिकारों की सही जानकारी न होने के कारण उपभोगता धोखा खा जाता है। उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत देश के प्रत्येक उपभोक्ताओं को यह 6 अधिकार प्राप्त है। इन्हीं 6 अधिकारों में से एक अधिकार जो आपको प्रत्येक उपभोग की वास्तु पर MRP (अधिकतम खुदरा मूल्य ) से जुड़ा यह अधिकार है।

अधिकतर उपभोक्ता को MRP (अधिकतम खुदरा मूल्य) को भारत सरकार द्वारा तय किये गए वस्तु का मूल्य होने जैसी जानकारी है। उसके स्थान पर सच्चाई यह है कि प्रत्येक प्रोडक्ट की कीमत वास्तु पर लिखा हुआ एमआरपी से कम होती है। लाभ को जोड़ने और सारे टैक्स चुकाने के बाद भी दुकानदार के पास इतनी गुंजाइश होती है कि वह आपके मोलभाव करने पर वह उस वस्तु पर अंकित मूल्य यानि कि एमआरपी से कम कर सकता है यदि आगे से अाप अपने मोलभाव करने के अधिकार का इस्तेमाल अवश्य करें। उपभोक्ता कानून के मुताबिक प्रत्येक उपभोक्ता को किसी भी उत्पाद पर लिखे रेट को कम कराने और मोल-भाव करने का पूरा अधिकार होता है। मोहल्लों के किराना दुकान से लेकर बड़े बड़े शॉपिंग मॉल तक में आपको ये अधिकार देने से कोई मना नहीं कर सकता। यदि कोई ऐसा करता है तो आप उसके खिलाफ शिकायत कर सकते हैं। कोर्ट में याचिका तक दायर कर सकते हैं।

उपभोक्ताओं के वह कौन से वह 6 अधिकार हैं:

1- इस अधिकार के तहत उपभोक्ताओं को सुरक्षा का अधिकार प्राप्त है। कोई भी खराब गुणवत्ता वाली वस्तु को उपभोक्ता को नहीं दी जा सकती। कोई वस्तु या सेवा ऐसी नहीं होनी चाहिए जो तुरंत या भविष्य में उपभोक्ता के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
2- प्रत्येक उपभोक्ता को किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता, भार या संख्या को जानने का पूरा-पुर हक है। किसी भी उत्पाद या सेवा की शुद्धता, मानक और मूल्य जानने का संपूर्ण हक होता है।
3- उपभोक्ता को अपने मन मुताबिक कोई भी उत्पाद या सेवा प्रदाता को चुनने का पूरा हक है। इससे ग्राहक को एक कॉम्पीटिटिव मार्केट मिलता है। कॉम्पीटिशन होने से ग्राहक को मूल्य एवं गुणवत्ता ठीक मिलती है।
4- ग्राहक की बात सुनी जाना चाहिए। कोई भी ग्राहक के साथ अनुचित व्यवहार नहीं कर सकता। ग्राहक को बेईमान व्यक्ति के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा अधिकार है।
5- कोई भी अनुचित व्यापार नहीं कर सकता।
6- इसके साथ ही उपभोक्ता को शिक्षा दिए जाना का अधिनियम भी इसमें शामिल है।

यहां करें शिकायत कर सकते हैं…

यदि आपको कोई शिकायत है जो 20 लाख रुपए से कम का मामला है तो जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत कर सकता हैं। वहीं 20 लाख से 1 करोड़ रुपए तक का मामला है तो राज्य उपभोक्ता आयोग के में शिकायत की जा सकती है। यदि एक करोड़ रुपए से अधिक है तो राष्ट्रीय उपभोगता आयोग के सामने मामला दर्ज करवाया जा सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here