एक सेकंड की लापरवाही, पूरे परिवार की जिंदगी उजाड़ देती है : समय आ गया है सख्ती का!
राजधानी लखनऊ के हैदरगंज ओवरब्रिज पर बुधवार दोपहर एक और निर्दोष की जान चली गई। 33 वर्षीय मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव मोहम्मद शोएब, जो दुबग्गा के रहने वाले थे, बाइक से जा रहे थे। अचानक हवा में लहराता चाइनीज मांझा उनके गले में फंस गया। तेज धार ने गर्दन की नसें काट दीं। खून से लथपथ शोएब सड़क पर गिर पड़े, करीब 10 मिनट तक तड़पते रहे। राहगीरों ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों की सारी कोशिशें नाकाम रहीं।
शोएब के पीछे छूट गई एक टूटी हुई विधवा पत्नी और दो मासूम बेटियां। महज पांच महीने पहले उन्होंने सपनों का घर खरीदा था- बेटियों के भविष्य के लिए मेहनत कर रहे थे। आज वो घर अधूरा रह गया, और परिवार का चिराग बुझ गया।

ये कोई पहला मामला नहीं।
- शहीद पथ पर एक व्यक्ति का चेहरा बुरी तरह कट गया, गंभीर हालत में अस्पताल।
- 11 दिसंबर को बर्लिंगटन चौराहे के पास अश्विनी कश्यप की गर्दन कटी, बमुश्किल जान बची।
- इसी तरह जौनपुर, इंदौर, कर्नाटक तक – मकर संक्रांति के मौसम में चाइनीज मांझा मौत बांट रहा है।

लखनऊ में पतंगबाज़ों के चक्कर में फिर लखनऊ में एक हँसता खेलता परिवार उजड़ गया..बाजारखाला थानाक्षेत्र के हैदरगंज ओवरब्रिज पर बाइक से जा रहे मोहम्मद शोएब के गले में चाइनीज़ माँझा फँसा, जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक शोएब की गर्दन से तेज धार के साथ ख़ून बहने लगा। उन्हें राहगीर ट्रॉमा सेंटर भाग कर ले गये. जहां डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया न जा सका। दूसरी तस्वीर में माँझे से घायल एक युवक।
अब सरकार जाग गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि चाइनीज मांझे से हुई मौत अब ‘हत्या’ मानी जाएगी! बैन के बावजूद बाजार में बिक्री कैसे हो रही है? पुलिस को पूरे प्रदेश में छापेमारी, सख्त कार्रवाई और हत्या के मुकदमे दर्ज करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उच्च स्तर पर हर केस की समीक्षा होगी।
ये सिर्फ पतंगबाजी का खेल नहीं रहा – ये लापरवाही और अवैध व्यापार की साजिश है, जो हर रोज किसी न किसी की जान ले रही है। पक्षियों, जानवरों से लेकर मोटरसाइकिल सवारों तक, कोई सुरक्षित नहीं।
समय है कि समाज, प्रशासन और कानून मिलकर इस ‘काटने वाले धागे’ को जड़ से खत्म करें।
याद रखें और दूसरों को भी बताएं कि पतंग उड़ाएं, लेकिन जानें न उड़ने दें!
प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल = हत्या। अब कोई बहाना नहीं चलेगा। इसलिए जागरूकता फैलाएं, शिकायत करें, जिंदगियां बचाएं।






