नहीं बाज आया चीन: लद्दाख में सैनिक घटाने की बजाए बढ़ा रहा चीन

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तोप से लड़ाकू विमान तक तैनात, भारत ने भी दिखाई ताकत

विश्वासघाती चीन अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा है। वह एक तरफ बातचीत में पीछे हटने की बात करता है तो दूसरी तरफ सैनिक घटाने की बजाय वह युद्ध की तैयारी में जुटा है। फिंगर एरिया सहित पूरे लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन सैनिक और हथियार जमा कर रहा है। लद्दाख के फिंगर इलाके में चीनी सैनिक अपनी पकड़ मजबूत बनाने में जुटे हुए हैं। भारत ने भी यहां अपनी ताकत बढ़ा दी है।

बुधवार को एक बार फिर आसमान में भारत के लड़ाकू विमान गरजते रहे तो जमीन पर भारतीय सैनिक दुश्मन की हर चुनौती का जवाब देने को तैयार हैं। चीन सेना ने पूर्वी लद्दाख में 4 मई के बाद से संख्या बढ़ानी शुरू की थी और 10 हजार से अधिक सैनिक तोपों, हथियारों और साजो-सामान के साथ जमा हो चुक हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पैंगोंग त्सो झील के साथ फिंगर इलाके में चीनी लगातार सैन्य गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं। वे सैनिकों की संख्या बढ़ा रहे हैं और कंस्ट्रक्शन में भी जुटे हैं। भारत का इलाका फिकर 8 तक है, लेकिन चाइनीज आर्मी मौजूदा तनातनी के बाद भारतीय सैनिकों को फिंगर 4 से आगे जाने पर रोक रही है। चीन आक्रामक तरीके से नए इलाकों पर दावा करते हुए फिंगर एरिया को अपने नियंत्रण में लेना चाहता है।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया कि गलवान नदी के इलाके में जहां 15 जून की रात को हिंसक झड़प हुई थी, चीनी सैनिकों ने फिर कुछ स्ट्रक्चर बना लिए हैं। पेट्रोलिंग पॉइंट के पास 15-16 जून की रात हिंसक झड़क के दौरान जिस निगरानी पोस्ट जैसे ढांचे को भारतीय सैनिकों ने उखाड़ फेंका था, उसे फिर बना लिया गया है। पीपी15, पीपी-17 और पीपी17-ए पर भारतीय सैनिक भी डटे हुए हैं। दौलत बेग ओल्डी सेक्टर के पीछे चाइनीज पीपी-10 और पीपी-13 पर भारतीय सैनिकों की पट्रोलिंग रोकने की कोशिश कर रहे हैं। चीन ने होटन और गर गुन्सा इलाके के अपने एयरबेस पर बड़ी संख्या में एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों को तैनात किया है, जिनमें रूस निर्मित स्-30 भी शामिल हैं।

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