डॉ दिलीप अग्निहोत्री
गंगा यात्रा का उद्देश्य केवल आस्था तक सीमित नहीं है। गंगा जी के प्रति भारत सदैव आस्थावान रहा है। फिर भी यह यात्रा गंगा को निर्मल और स्वच्छ बनाने अभियान है।पांच दिवसीय गंगा बिजनौर व बलिया से प्रारंभ हुई। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बलिया से गंगा यात्रा का शुभारंभ किया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आठ केंद्रीय मंत्री भी भी विभिन्न स्थानों पर यात्रा में शामिल होंगे।
बिजनौर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यात्रा का शुभारंभ किया। यह यात्राएं प्रदेश के सत्तासी विधान सभा क्षेत्रों छबीस लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेगी। दोनों यात्राएं सड़क मार्ग एक हजार दो सौ अड़तीस और नाव से एक सौ पचास किमी की दूरी तय करेंगी। गंगा का कुल बहाव दो हजार पांच सौ पच्चीस किलोमीटर है। इसमें एक हजार एक सौ चालीस किमी लंबा क्षेत्र उत्तर प्रदेश में है। बलिया से कानपुर तक छह सौ सत्तावन और बिजनौर से कानपुर तक पांच सौ इक्यासी किमी की यात्रा सड़क मार्ग से होगी। एक सौ पचास किमी यात्रा जल मार्ग से होगी।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बलिया में गंगा पूजन व आरती के बाद यात्रा को रवाना किया। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे बसने वाले लोग भाग्यशाली हैं। गुजरात में मात्र एक नदी है। यहां नदियां ही नदियां हैं। मानव जीवन बचाने के लिए इन नदियों को प्रदूषित होने से बचाना पड़ेगा। पीने का पानी हम नदी से लेते है और गंदगी भी नदी में डालते हैं। लोगों ने नदियों के साथ उपजाऊ भूमि को भी केमिकल युक्त बना दिया।
कारखानों का केमिकल युक्त पानी नदी में बहने देते हैं। इसका दुष्परिणाम हुआ हुआ। गम्भीर बीमारियां फैलने लगी, उपजाऊ भूमि का क्षरण होने लगा। इस पर हमको विचार करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर विचार किया और नदियों को बचाने के लिए कदम उठाये गए। गुजरात में मुख्यमंत्री रहते उन्होंने कारखानों के गन्दे जल को शुद्ध करके नदी में जाने के लिए एसटीपी प्लांट लगवाया। इससे नर्मदा निर्मलहो गई। अब नमामि गंगे अभियान चल रहा है। इससे गंगा जी निर्मल होंगी।
भारतीय परंपरा में नदियां,जीव जंतु भी हमारे परिवार का हिस्सा है। इनके संरक्षण की जिम्मेदारी हमारी है। हमारे चिंतन में वसुधा भी कुटुंब है। सबको बचाने से ही हमारा जीवन बचेगा। पौधरोपण हम सबका कर्तव्य है। राज्य सरकार किनारे के गांवों में समुचित विकास, शुद्ध पानी की उपलब्धता,गंगा उद्यान, खेल मैदान सहित हर प्रकार की सुविधाओं को उपलब्ध करा रही है। गंगा जीवन यापन करने के लिए संसाधन उपलब्ध कराने वाली मां हैं। स्वस्थ मां को स्वष्ठ रखने का प्रयत्न करना हर गंगा पुत्र का कर्तव्य है। बलिया और बिजनौर से चलने वाली दोनों यात्रा कानपुर में मिलेगी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी भी रहेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य गंगा किनारे गांवों को विकसित करना है। गंगा तटों के साथ अर्थ गंगा के रूप में एक आधुनिक व प्रदूषण मुक्त इलाका स्थापित करना है। तैतालिस प्रतिशत आबादी गंगा किनारे बसती है। गंगा किनारे गांवों में जीरो बजट खेती व ऑर्गेनिक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा।
गंगा उद्यान,गंगा खेल मैदान,गंगा चबूतरा आदि का निर्माण होगा। शहर का मल, कारखानों का गंदा पानी गंगा में नहीं जाने दिया जाएगा। साढ़े तीन लाख करोड़ खर्च करके हर घर तक पाइप से शुद्ध पानी पहुंचाय जाएगा। गंगा यात्रा के अंतर्गत अनेक सांस्कृतिक व जागरूकता के कार्यक्रम भी सम्मिलित किये गए है।






