सीएमएस में डिवाइन एजूकेशन कान्फ्रेन्स का भव्य आयोजन
लखनऊ, 28 मार्च 2019: शिक्षा ही मनुष्य में मानवता का संचार करती है। जब छात्रों को चारित्रिक उत्कृष्टता व जीवन मूल्यों से भरपूर सर्वांगीण व उद्देश्यपूर्ण शिक्षा मिलेगी, तभी उनमें मनुष्यता का विकास संभव हो पाता है अन्यथा संस्कारविहीन शिक्षा तो अधूरी शिक्षा है, जो मानवता के लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकती है। यह विचार हैं सीएमएस के संस्थापक डा. जगदीश गाँधी ने सीएमएस कानपुर रोड कैम्पस द्वारा विद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित ‘डिवाइन एजूकेशन कान्फ्रेन्स’ में अभिभावकों से कही।
उन्होंने कहा कि भौतिक रूप में तो शिक्षा का लक्ष्य तो रोटी, कपड़ा, मकान और चिकित्सा प्राप्त करना है, परन्तु इसका मूल उद्देश्य विश्व एकता, हृदयों की एकता एवं मानवमात्र की एकता में निहित है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे उत्कृष्टता के लिए पूरा प्रयास करें व भौतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विकास करें। अभिभावकों और शिक्षकों को भी की स्वयं अच्छा बनकर बालकों को अच्छा बनने का वातावरण देना चाहिए।
‘डिवाइन एजुकेशन कान्फ्रेन्स’ में छात्रों एवं अभिभावकों को सम्बोधित करते हुए सी.एम.एस. कानपुर रोड कैम्पस की प्रधानाचार्या डा. (श्रीमती) विनीता कामरान ने कहा कि आज का बालक एक वैज्ञानिक युग में जी रहा है। विज्ञान की तेज प्रगति व विश्वव्यापी सोच ने प्रत्येक बालक में कुछ नया कर दिखाने का जज्बा भर दिया है। टेलीफोन से मोबाइल और कम्प्यूटर से इन्टरनेट का सफर कई महत्वपूर्ण खोजों और उपलब्धियों से परिपूर्ण है। हम स्कूल को एक नये रूप में परिभाषित कर सकते हैं। यहाँ बच्चे की जिज्ञासा को नये पंख दिये जाते हैं। उसकी कल्पना शक्ति को विकसित कर सच्चाई में परिवर्तित किया जाता है। यह नन्हें बालक ही आगे चलकर आइन्सटाइन और आर्यभट्ट बनेंगे।







