101 देशों की बाल फिल्मों का रोमांच सीएमएस में चरम पर

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  • अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव (आई.सी.एफ.एफ.-2019) का पाँचवा दिन
  • अभिनेता शाहबाज खान, अभिषेक दुहान एवं देव जोशी ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह

लखनऊ, 08 अप्रैल 2019: शिक्षा, नैतिकता, चरित्र निर्माण व मनोरंजन की इन्द्रधनुषी छटा से सराबोर सी.एम.एस. कानपुर रोड का नजारा आज देखने को मिला। युवाओं के चेहरों की रौनक यहाँ चल रहे अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव की अभूतपूर्व सफलता की कहानी स्वयं बयां कर रही थी। बाल फिल्मोत्सव के पाँचवे दिन आज 26 विद्यालयों के लगभग दस हजार से अधिक छात्रों ने शिक्षात्मक बाल फिल्मों का आनंद उठाया और प्रेरणा ग्रहण की।

इस अवसर पर अभिनेता शाहबाज खान, अभिषेक दुहान एवं देव जोशी की उपस्थिति ने समारोह की रौनक में चार-चांद लगा दिये। हजारों की संख्या में उपस्थित छात्रों व युवाओं ने दिल खोलकर इन फिल्म हस्तियों का स्वागत किया। इससे पहले, अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव के पाँचवें दिन का उद्घाटन आज मुख्य अतिथि अनिल गर्ग, आई.ए.एस., कमिश्नर, लखनऊ मंडल ने दीप प्रज्वलित कर किया जबकि श्री एस. के. भगत, आई.पी.एस., आई.जी. पुलिस, लखनऊ रेंज, ने विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की गरिमा को बढ़ाया।

विदित हो कि सिटी मोन्टेसरी स्कूल के फिल्म्स डिवीजन द्वारा आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव में जिसमें 101 देशों की लगभग 550 चुनिन्दा बाल फिल्में निःशुल्क प्रदर्शित की जा रही हैं।

अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव के पाँचवे दिन का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि श्री अनिल गर्ग, आई.ए.एस., कमिश्नर, लखनऊ मंडल ने कहा कि सी.एम.एस. का यह बाल फिल्म महोत्सव बच्चों को स्वस्थ मनोरंजन प्रदान करने साथ-साथ शिक्षाप्रद भी है जो बच्चों के चारित्रिक गुणों को बढ़ाने में मददगार है। ऐसे आयोजनों की समाज को बहुत आवश्यकता है क्योंकि इससे समाजिक व्यवस्था के उत्तरोत्तर विकास को गति मिलती है। विशिष्ट अतिथि श्री एस. के. भगत, आई.पी.एस., ने कहा कि नैतिक मूल्यों व चारित्रिक उत्कृष्टता से परिपूर्ण युवा पीढ़ी ही आदर्श सामाजिक व्यवस्था को गढ़ने में सक्षम हो सकती है। अतः नैतिक मूल्यों व चारित्रिक गुणों का भरपूर प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।

समारोह के पाँचवे दिन आज शिक्षात्मक फिल्मों की शुरुआत माइकल आगस्टो द्वारा निर्देशित स्पेन की बाल फिल्म ‘थर्टीन वेज टु सर्वाइव स्कूल’ से हुई। इसके अलावा समवन्स मिसिंग, द लास्ट ड्राप, स्कूल इज ए लाइट हाउस, वायरस, द काउन्टडाउन, चैम्पियन, ये कैसा जहान, लव अदर्स एज योरसेल्फ, फ्राग डॉग, रैबिट एण्ड फिश, ए बाइट फ्राम द एप्पल, द स्नोबाल, सॉरी अंकल, फ्राम एनअदर वर्ल्ड, ए टीचर्स लेसन, द फोटोफ्रेम, डोन्ट लूज हर्ट, ट्राई योर बेस्ट, रिपोर्ट कार्ड, डॉटर ऑफ इण्डिया, आउट ऑफ सर्विस, विरासत, यू आर ए टूरिस्ट, ए फोन काल टू हीवेन आदि आदि बाल फिल्में भी बच्चों को खूब रास आई। विभिन्न देशों की अलग-अलग भाषाओं में बनी फिल्मों को अंग्रेजी व हिन्दी अनुवाद भी फिल्म के साथ-साथ ही चलता रहता है जिससे बच्चे आसानी से फिल्म के कथानक को समझ सकें।

बाल फिल्मोत्सव के अन्तर्गत आज अपरान्हः सत्र में सी.एम.एस. कानपुर रोड पर आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में अभिनेता शाहबाज खान, अभिषेक दुहान एवं देव जोशी ने पत्रकारों से मुलाकात की और खुलकर अपने विचार व्यक्त किए।

मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी हरि ओम शर्मा ने बताया कि बाल फिल्मों का यह अनूठा आयोजन सफलता के चरम सोपान पर है और प्रतिदिन हजारों की संख्या में छात्र, अभिभावक व शिक्षक बाल फिल्मोत्सव से प्रेरणा ग्रहण कर रहे हैं।

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