उपभोक्ता परिषद के प्रादेशिक वेबीनार में उठा मुद्दा, सत्यता जानने के लिए उपभोक्ताओं ने उठाई मांग
लखनऊ, 02 मार्च: उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के साप्ताहिक वेबीनार में उपभोक्ताओं ने कहा कि जब सौभाग्य योजना में बिजली कनेक्शन फ्री में दिए गए तो उस समय यह भी प्रचारित किया गया कि सौभाग्य में गरीबों को फ्री बिजली मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ इसलिए उपभोक्ता परिषद सौभाग्य के विद्युत उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली दिलाने की मांग उत्तर प्रदेश सरकार से करें ।
उपभोक्ता परिषद ने अपने विद्युत उपभोक्ताओं को बताया उपभोक्ता परिषद लगातार सौभाग्य की एक अलग श्रेणी बनाकर उन्हें रुपया 3 प्रति यूनिट से नीचे रुपया 1.50 प्रति यूनिट की बिजली की मांग लगातार कर रहा है और विद्युत नियामक आयोग को भी इसका प्रस्ताव सौंप चुका है वही बडी संख्या में विद्युत उपभोक्ताओं ने बिजली की शिकायतों का 1912 पर फर्जी निस्तारण का मुद्दा उठाते हुए कहा उपभोक्ता परिषद इस दिशा में भी कदम उठाए और वह खुद एक शिकायत पोर्टल जारी करें और उसमें यह व्यवस्था दे कि जो विद्युत उपभोक्ता फर्जी शिकायतों के निस्तारण से परेशान है वह उपभोक्ता परिषद के पोर्टल पर आए स्वता अंदाजा लग जाएगा कि प्रदेश के सभी बिजली कंपनियों के विद्युत उपभोक्ता किस प्रकार शिकायतों के फर्जी निस्तारण से परेशान है।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा प्रदेश के उपभोक्ताओं की बातें बिल्कुल सही हैं 1912 पर लगातार शिकायतों का फर्जी निस्तारण किया जा रहा है इसलिए उपभोक्ता परिषद पावर कॉरपोरेशन से ओटीपी विधि से शिकायतों के समाधान की मांग लगातार कर रहा है आज विद्युत उपभोक्ताओं की जो यह मांग है कि उपभोक्ता परिषद शिकायतों के निस्तारण के लिए एक पोर्टल बने जल्द ही उपभोक्ता परिषद इस पर विचार कर शिकायतों का एक पोर्टल जारी करेगा जिससे विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार हो और हर महीने उसे पावर कार्पोरेशन प्रबंधन शाहिद विद्युत नियामक आयोग को भेजा जा सके।
आज के साप्ताहिक वेगनर में उपभोक्ता परिषद ने अपने विद्युत उपभोक्ताओं को जागरुक भी किया और उन्हें कई नियमों कानून की जानकारी दी स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर भी चर्चा हुई उपभोक्ता परिषद ने कहा उसे पर उपभोक्ता परिषद पूरी नजर बनाए हुए हैं समय-समय पर उपभोक्ताओं को इस मुद्दे को जागरूक भी करेगा और यदि कहीं नियमों कानून की अनदेखी होगी तो उसका विरोध भी किया जाएगा।







