मॉनसून के दिनों में जितना आप फैशन पर ध्यान देते हैं, उससे ज्यादा आजकल के बच्चे इस मामले में समझ दिखाने लगे हैं। एक फैशन डिजाइनर कहते हैं कि बच्चों के कपड़ों की एक अलग दुनिया होती है और यही वजह है कि हर एक स्टोर पर उनके लिए अलग सेक्शन देखने को भी मिलते हैं। उनके कपड़ों के सिलेक्शन में आपको सुंदरता के साथ-साथ कंफर्ट पर भी ध्यान देना चाहिए। बारिश के मौसम में बच्चे बाहर खेलने जा रहे हैं, तो उन्हें दूसरे किस्म के कपड़ों की जरूरत होती है और घर पर दूसरे किस्म के कपड़ों की।
गर्मी के बाद लोगों को बारिश की बूंदों का इंतजार रहता है। ऐसे में मॉनसून का मौसम खट्टी-मीठी यादों के साथ नई-पुरानी कहानियों को अपने साथ जोड़ता जाता है। इस मौसम में फैशन का फीवर आम दिनों जैसा ही दिखता है।

रेनकोट और छाता एक खास रोल निभाते हैं
बारिश की ओर से तैयारियां की जाती हैं। एक फैशन एक्सपर्ट कहते हैं कि आपके लुक को निखारने में जैसे अक्सेसरीज का अहम रोल होता है, वैसे ही रेनकोट और छाता एक खास रोल निभाते हैं। एक हाउस मेकर ऊषा वर्मा कहती हैं कि बारिश के दिनों में मुझें पड़ने वाली बूंदों से जितना प्यार होता है, उतना ही प्यार मुझे कलरफुल छातों और रेनकोट से है। वह कहती हैं कि घर में हर किसी को बाहर निकलना होता है और फैशन को दौर में कोई अपने स्टाइल और लुक से समझौना नहीं करना चाहता है।
कुर्ती और खादी साड़ियां हैं लाजवाब ऑप्शन:
हालांकि मॉनसून के मौसम बारिश अपना मैजिक दिखाती रहती है, ऐसे में वीकेंड पर घर के अंदर बैठकर लजीज स्नैक्स के संग समय बिताने का अपना मजा होता है। एक टीचर मेघा रावत कहती हैं कि इन दिनों में अगर बाहर निकलना होता है, तो बारिश की बूंदें हर किसी का दिल छू जाती हैं। इन बूंदों से जिंदगी की कहानियां जुड़ी रहती है। आसमान पर काले बादल, ठंडी हवा और बारिश की फुहारें अलग अहसास दे जाती हैं। इन दिनों नेचर का खूबसूरत नजारा भी देखेने को मिलता है। फैशन की लिहाज से भी यह मौसम कमाल का होता है और यही कारण है कि मॉनसून को स्पेशल मानते हुए फैशन इंडस्ट्री में कपड़ों और अक्सेसरीज से जुड़े तमाम प्रयोग होते रहते हैं। आज के दौर में फैशन हमारी जिंदगी में यूं घुल गया है, जैसे चीनी या नमक पानी में घुल जाता है। इसलिए घर से बाहर निकलने के क्रम में हर कोई अच्छा दिखना चाहता है। ऐसे में वह फैशन के नए ट्रेंड को फॉलो करता है।

यह सच है कि मौसम के अनुसार हमें अपने वॉरड्रोब को अप टू डेट करने की जरूरत होती है, लेकिन यह तभी मुमकिन है, जब हम आसपास की दुनिया और इसमें हो रहे बदलाव से परिचित हों। मॉनसून का मौसम चल रहा है, बारिश की बूंदें हवाओं के साथ शानदार जुगलबंदी करती हैं और ऐसे में मौसम सुहावना हो जाता है। जहां तक बारिश के मौसम का सवाल है, तो पुरुषों को इस मौसम में ज्यादा बाहर रहना होता है, इसलिए उन्हें अपने कंफर्ट जोन का ख्याल रखते हुए ऐसे कपड़ों, फुटवियर्स का सिलेक्शन करना चाहिए, जिन्हें बारिश के मौसम में आसानी से कैरी किए जा सकते हैं।
नायलॉन और कॉटन के संग जाएं
नायलॉन के डार्क शेड्स,कॉटन और लाइक्रा को आदर्श माना जाता है। इनकी खासियत होती है कि ये जल्दी सूख जाजे हैं और इन्हें साफ करना भी आसान होता है। इस दौरान हल्के रंगों से बचने की जरूरत होती है क्योंकि कपड़े गीले होकर पारदर्शी भी हो जाते हैं। ऐसे में शॉट्स,मिनी, घुटनों तक की स्कर्ट और ट्राउजर को ट्राई किया जा सकता है। ये कैरी करने में सुविधाजनक होते हैं।
फैशन एक्सपर्ट का कहना है कि वह शॉर्ट कुर्ती को एक बेहतर विकल्प मानती हैं। लेनिन के गहरे रंग के कपड़े लुक के संग कंफर्ट का भी अहसास करा जाते हैं। इस मौसम में दुपट्टा या स्कार्फ कैरी करना फैशन के साथ कंफर्ट जोन को बढ़ाने में सहायक होता है। ऐसे दिनों में लाइट साड़ियां भी आरामदयक होती हैं। इसके लिए आप सूती कपड़ों के संग जा सकती हैं। फैशन एक्सपर्ट मानते हैं कि साड़ियों को लेकर भी देश में कई प्रयोग हो रहे हैं और अब इन्हें मौसम के अनुसार और उपयोगी व आरामदायक बनाया जा रहा है। इसके साथ ही ये साड़ियां लुक को निखारने का काम करती हैं। इनकी एक बड़ी रेंज हैं, क्योंकि आज भी देश में बहुत सारी महिलाएं इसे कैरी करती हैं। इसे अपने यहां एक पारंपरिक वस्त्र भी माना जाता है।
कपड़ों के साथ हेयरस्टाइल और फुटवियर पर ध्यान दें:
इसमें कोई दो राय नहीं है कि आप फैशन के दौर में तभी खिल सकते हैं, निखर कर आपका लुक सामने आ सकता है, जब आप कपड़ों के संग अक्सेसरीज को भी उतना ही महत्व दें। मौसम कोई भी क्यों न हो आपको कपड़ों के संग अपने हेयरस्टाइल और फुटवियर जैसी दूसरी चीजों पर ध्यान देना ही होता है। एक शॉपकीपर कुणाल करारा कहते हैं कि ज्यादातर लोग मौसम में गमबूट,फ्लिप-फ्लॉप, फ्लोटर्स, चप्पल और सैंडल को अधिक पसंद करते हैं क्योंकि वे हल्के वजन वाले होते हैं और पानी को आसानी से बाहर निकालने में मदद करते हैं। वह कहते हैं कि कॉलेज जाने वाले स्टूडेंट्स को कंफर्ट के संग फैशन वाली चीजें ज्यादा भाती हैं। उन्हें फैशन की ज्यादा समझ होती है और वे ड्रेस से लेकर किसी भी चीज के सिलेक्शन पर ज्यादा से ज्यादा विकल्पों की डिमांड करते हैं और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना वास्तव में बड़ी चुनौती होती है।







