झड़ते बालों को रोकने के साथ याददाश्त बढ़ाती है मुलेठी

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बीएचयू के पंचकर्म विभाग के विभागाध्यक्ष ने कहा, चीनी से भी मीठा होने के बावजूद डायबिटीज के इलाज में भी होता है प्रयोग, तासीर है ठंडी लेकिन कफ को निकालने और मलेरिया जैसे बुखार में है कारगर

स्वाद में चीनी से भी ज्यादा मीठा मुलेठी सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेवन करने पर आपके तमाम रोगों को दूर कर जिंदगी में भी मीठापन लाने में सक्षम है। सबसे बड़ी बात है कि आम तौर पर पान में इस्तेमाल की जाने वाली मुलेठी स्वाद में मीठा होने के बावजूद डायबिटीज के इलाज में भी प्रयोग होता है। विटामिन बी और ई का अच्छा स्रोत होने के साथ ही यह ग्लिसराइजिक एसिड, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटीबायोटिक, प्रोटीन, फास्फोरस, कैल्शियम, कोलीन, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, सेलेनियम, सिलिकान, जिंक जैसे तत्वों की भरपूर मात्रा इसमें होती है। कोरोना काल में मुलेठी सबसे फायदेमंद है। इसके प्रयोग से बहुत हद तक कोरोना के संक्रमण से बचने में सहायता मिलेगी।

इस संबंध में बीएचयू के पंचकर्म विभाग के विभागाध्यक्ष डाक्टर जेपी सिंह का कहना है कि ठंडी तासीर की मुलेठी गले में खराश, गले की जलन, खांसी के साथ ही कफ नाशक है। इसके प्रयोग से ब्रोंकाइटिस और गठिया सहित कई सूजन संबंधी बीमारियों से मुक्ति मिल सकती है। यह अस्थमा को भी कंट्रोल करने में सहायक है। उन्होंने हिन्दुस्थान समाचार से बताया कि इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता भी काफी होती है। इस कारण यह कोरोना के संक्रमण से बचाने में भी बहुत तक सहायक है।

बुखार और कफ की नाशक है नीम, कोरोना को भी मारने की है क्षमता

डाक्टर जेपी सिंह ने कहा कि मलेरिया, बालों का झड़ना, याददाश्त बढ़ाने, पीलिया, डायबिटीज के इलाज में भी मुलेठी का प्रयोग होता है। उन्होंने मुलेठी के प्रयोग करने के तरीकों के बारे में बताया कि एक छोटा चम्मच मुलेठी पाउडर को गर्म पानी (250 मिली लीटर) में मिलाकर मिश्रण के अच्छे से घुलने के बाद बाद मुंह के घावों को आराम देने के लिए चार-पांच बार गरारा करें। उन्होंने हिन्दुस्थान समाचार से बताया कि जुकाम, खांसी आदि के इलाज के लिए मुलेठी के चाय का सेवन करें। मासिक धर्म के दौरान मुलेठी की चाय पीने से शरीर में ऐंठन कम होती है। सांस की बदबू दूर करने के लिए मुलेठी को चबाया जा सकता है।

डाक्टर जेपी सिंह ने बताया कि झड़ते बालों या त्वचा स्वस्थ रखने के लिए मुलेठी और आंवला के पाउडर को पानी के साथ मिलाकर पीने से काफी फायदा होता है। दिल संबंधी बीमारियों के लिए दो ग्राम मुलेठी, चार ग्राम मिश्री के साथ दो ग्राम कुटकी का चूर्ण एक गिलास पानी में घोलकर प्रतिदिन दो बार पियें। अगर आपको दिल की बीमारियों के अलावा भी कोई रोग या समस्या है, तो उसमें भी आपको इससे फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि दो ग्राम मुलेठी चूर्ण के साथ एक चम्मच शहद, एक चम्मच घी को गर्म दूध के साथ मिलाकर पीने से थकान व कमजोरी दूर हो जाएगी।

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