कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में राज्य मूल्य परामर्शदात्री परिषद की बैठक संपन्न
लखनऊ, 14 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने रबी सीजन की प्रमुख फसलों के लिए किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य देने की तैयारी कर ली है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में आज विधानसभा में राज्य मूल्य परामर्शदात्री परिषद की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर और लाही-सरसों के सहाय्य मूल्यों (MSP) की सिफारिश भारत सरकार को भेजने का फैसला लिया गया।
किसानों के हित में बड़ा निर्णय
बैठक का मुख्य फोकस रबी 2026-27 (विपणन वर्ष 2027-28) की फसलों पर था। परिषद ने कृषकों की लागत, मेहनत और बाजार की वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए इन फसलों के समर्थन मूल्य की संस्तुति की। यह सिफारिश अब केंद्र सरकार के कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) को भेजी जाएगी, जो अंतिम MSP तय करने में अहम भूमिका निभाता है।
इन फसलों के MSP की होगी सिफारिश :
- गेहूं
- जौ
- चना
- मटर
- मसूर
- लाही-सरसों
बैठक में शामिल प्रमुख लोग :
बैठक में खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडे, कुशीनगर के सांसद, कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रविंद्र, सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव अजय कुमार शुक्ला, खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव सहित कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक, अयोध्या स्थित नरेन्द्र देव कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति, कृषि निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी व विशेषज्ञ मौजूद रहे।
यह बैठक किसानों की आय बढ़ाने और रबी फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा इन सिफारिशों को स्वीकार किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
किसान हितैषी फैसले से उम्मीद है कि आने वाले विपणन वर्ष में रबी फसलों की लागत प्रभावी कीमत मिलने से किसानों का आत्मविश्वास और उत्पादन दोनों बढ़ेगा।







