कृष्ण जन्मास्टमी: अब तो कष्ट हरो प्रभु हमारे

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कृष्ण जन्मास्टमी 23 अगस्त विशेष: पापियों के नाश के लिए कृष्ण को एक बार फिर आना होगा

देश में अब न जाने कितने कंस और न जाने कितने रावण पैदा हो गए हैं हर तरफ देश में त्राहि त्राहि मची है कभी निर्भया कांड, उन्नाव गैंगरेप कांड, मुजफ्फरपुर कांड, तो कभी देवरिया कांड, इसके अलावा प्रतापगढ़ में बच्चियों एवं महिलाओं के यौन शोषण के मामले ने तो देश के साथ ही साथ सम्पूर्ण मानव समाज को शर्मसार कर दिया है। इसके अलावा ऐसे अनगिनत न जाने कितने केस हैं जिनकी फेहरिस्त बहुत लम्बी है देश में जबरदस्त आक्रोश की लहर है सोशल मीडिया पर हाय तौबा मची है लोग एक दूसरे से सवाल कर रहे हैं कि क्या वास्तव अब जरुरत है एक और कृष्ण अवतार की?

अगर सही मायने में कहा जाये तो कंस और रावण तो हर रोज बहुत पैदा होते है लेकिन कृष्ण एक भी नहीं? इस बार कृष्ण जन्मास्टमी 3 सितम्बर को है इस दिन भी न जाने कितने बच्चे पैदा होंगे, काश! इस बार ही कोई कृष्ण अवतार में फिर आ जाएं जो पापियों का नाश कर और सम्पूर्ण सृस्टि को नया मार्ग दर्शन करें।

बता दें कि भगवान विष्णु इस धरती को पापियों से मुक्त करने के लिए भगवान कृष्ण के रूप में अवतरित हुए थे। माता देवकी की कोख से भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी मामा कंस का विनाश करने के लिए मथुरा में अवतार लिया लेकिन उनका पालन पोषण माता यशोदा ने किया। श्रीकृष्ण बचपन से ही बहुत नटखट थे और उनकी कई सखियां थी। श्री कृष्ण की गोपियों संग रासलीलाएँ बड़े चाव से सुनी और सुनाई जाती हैं।

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