डॉ दिलीप अग्निहोत्री
कोरोना से मुकाबले की जिम्मेदारी सरकार के साथ ही सम्पूर्ण समाज की भी है। इसके लिए सभी की सजगता अपरिहार्य है। सरकार ने आवश्यक सेवाओं के अलावा सभी जगह अवकाश घोषित किया है। क्योंकि इससे बचाव घर में रहकर ही संभव है। जनता कर्फ्यू व आभार व्यक्त करते समय समाज ने जिस जिम्मेदारी का परिचय दिया,उस भावना पर अभी आगे भी अमल करना होगा। सरकार अपने स्तर से लगातार सक्रिय है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इसकी निगरानी कर रहे है। प्रशासन को प्रतिदिन दिशा निर्देश दे रहे है। संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करके रणनीति बना रहे है। उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे है। उन्होंनने कोरोना के लिए तैयार किए गए आइसोलेशन वाॅर्डों में आवश्यक उपकरणों तथा इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
कोरोना के सन्देहास्पद केसों में ही जांच करने, मास्क के अनावश्यक उपयोग को रोकने, हैण्डवाॅशिंग और सोशल डिस्टैन्सिंग के लिए जागरूकता पर बल दिया। सस्पेक्टेड केसेज में सावधानी बरतने, सम्बन्धित व्यक्ति को क्वारेनटाइन,जांच व माॅनीटरिंग के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन को कोरोना वायरस की रोकथाम और इलाज के निर्धारित प्रोटोकाॅल पर अमल करना अनिवार्य किया गया। इसी के साथ सफाई पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए। कोरोना छूने व सम्पर्क में आने से फैलता है। इसको रोकने के प्रति भी सरकार सजग है। परिवहन विभाग की सेवा स्थगित की गई है। सभी जिलाधिकारी विवेकानुसार निर्णय ले सकेंगे। बाहरी राज्यों की बसों को उत्तर प्रदेश में प्रवेश बन्द किया गया है।

रेलवे स्टेशनों, बस स्टैण्डों पर पहुंचने वाले यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग के लिए पर्याप्त संख्या में थर्मल स्कैनरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने सोलह जनपदों में विशेष प्रबंध के निर्देश दिए है। लखनऊ गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, आजमगढ़, आगरा,वाराणसी, प्रयागराज,लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर नगर, मेरठ, गोरखपुर, अलीगढ़, सहारनपुर तथा पीलीभीत में पच्चीस मार्च तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर लॉक डाउन घोषित किया गया है।
सरकार आवश्यकता के अनुरूप स्थिति का आंकलन करेगी। इसके आधार पर आवश्यक सेवाओं को परिभाषित किया जाएगा। सरकार आमजन तक उचित जानकारी पहुंचाने के प्रति भी गम्भीर है। इसके लिए जिले के नियंत्रण कक्ष एवं सम्बन्धित अधिकारियों के सम्पर्क नम्बर प्रकाशित किए जाएंगे।







