लखनऊ, 29 जून : उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के गंगागढ़ी गांव में 28 जून 2025 को एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई। तीन मासूम बच्चे क्रमश: कुनाल (10 साल), गोलू (9 साल), और मुरली (8 साल) गांव के पास आम के बाग में आम तोड़ने गए थे। इस दौरान बाग के चौकीदार राहुल ने बच्चों को पकड़ लिया और उन पर जर्मन शेफर्ड और पिटबुल जैसे खतरनाक कुत्तों को छोड़ दिया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि बच्चे डर से कांपते, रोते और हाथ जोड़कर माफी मांगते रहे, लेकिन चौकीदार ने उनसे उठक-बैठक करवाकर और कान पकड़वाकर क्रूरता की।
https://x.com/i/status/1939153838386327782
परिजनों में है गुस्सा: बच्चों के घर पहुंचने पर परिजनों को घटना का पता चला। कुनाल की मां रेखा ने बताया कि उनका बेटा पूरी रात डर से सो नहीं पाया। गोलू के पिता रामेश्वर ने कहा कि बच्चों को जानवरों की तरह डराया गया, जो अमानवीय है। परिजनों ने चौकीदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बच्चों पर पड़ेगा मनोवैज्ञानिक प्रभाव: मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, इस तरह की घटनाएं बच्चों के मन पर गहरा असर डालती हैं, जिससे डर, बेचैनी और नींद न आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गोलू की बहन ने बताया कि वह रात में जागकर रोता है, उसे लगता है कि कुत्ते फिर उसके पीछे हैं।
पुलिस कार्रवाई: परिजनों की शिकायत पर सिकंदराराऊ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो के आधार पर चौकीदार की पहचान की जा रही है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
घटना अमानवीय करार: समाज में आक्रोश: घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने इसे अमानवीय करार दिया और कड़ी कार्रवाई की मांग की। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या बच्चों की छोटी गलती के लिए ऐसी सजा उचित है?
बता दें कि यह घटना न केवल बच्चों के प्रति क्रूरता को दर्शाती है, बल्कि खतरनाक कुत्तों के दुरुपयोग और जिम्मेदार पालतू प्रबंधन की आवश्यकता पर भी सवाल उठाती है।







