झूठी एफआईआर रद्द करने की मांग
लखनऊ, 25 अप्रैल: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में अनिश्चितकाल के लिए भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की तबियत देर रात अत्यंत गंभीर हो गई। प्रदर्शनकारी छात्र कई बार बेहोश हो गये। छात्र गौरव वर्मा को अचानक खासी एवं पेट दर्द होने लगी जिसके बाद आनन फ़ानन में छात्रों ने विवि हेल्थ सेंटर को संपर्क किया। विश्वविद्यालय के हेल्थ सेंटर में कोई डॉक्टर की मौजूदगी नहीं होने की वजह से गंभीर हालत देखते हुए लोकबंधु अस्पताल रेफर कर दिया। जहाँ छात्र का इलाज चल रहा है।
गौरतलब हो कि बीते 17 अप्रैल को सुरक्षा कर्मियों ने वीसी आवास जा रहे छात्रों से मारपीट कर ली थी। उसके बाद से छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि सुरक्षा एजेंसी के एरिया मैनेजर द्वारा 4 छात्रों व 25 अज्ञात छात्रों पर जानबूझकर फर्जी मुकदमा कराया गया है। उस मुकदमे को तत्काल वापस लिया जाय।







