आईएएस श्री यादव के खिलाफ यूपी में उप्र सहकारी मिल संघ के प्रबंध निदेशक रहते हुए 18 दिसम्बर 2013 से 23 मई 2017 के बीच संस्था में गंभीर अनियमितताएं बरतते हुए आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने की शिकायतें प्राप्त हुई
लखनऊ 24 नवंबर। केन्द्र सरकार में निदेशक सहकारिता व किसान कल्याण एवं आईएएस अधिकारी बीके यादव के खिलाफ राज्य सरकार ने सीबीआई जांच कराने का फैसला किया है। इस सम्बंध में राज्य सरकार ने भारत सरकार को औपचारिक पत्र भेज दिया है। प्रमुख सचिव गन्ना एवं चीनी संजय आर. भूसरेड्डी ने कहा मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टालरेंस की नीति है। उसी दिशा में यह फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि आईएएस श्री यादव के खिलाफ यूपी में उप्र सहकारी मिल संघ के प्रबंध निदेशक रहते हुए 18 दिसम्बर 2013 से 23 मई 2017 के बीच संस्था में गंभीर अनियमितताएं बरतते हुए आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने की शिकायतें प्राप्त हुई थी।
श्री यादव के खिलाफ मिली शिकायतों और आरोपों के मद्देनजर गन्ना राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), सुरेश राणा की सिफारिश पर मुख्यमंत्री ने लखनऊ के मण्डलायुक्त अनिल गर्ग को जाँच सौंपी। मंडलायुक्त श्री गर्ग ने बीके यादव के विरुद्ध सहकारी चीनी मिलों तथा संघ मुख्यालय में कार्मिकों की नियम विरूद्ध की गई नियुक्तियों, पदोन्नतियों और स्थानान्तरण से की गई धन उगाही, कार्मिकों के उत्पीड़न एवं सेवानिवृत्ति देयकों यथा लीव इन्क्रैशमेंट व ग्रेच्युटी इत्यादि में की गई धन उगाही के आरोपों की जांच की।
मण्डलायुक्त की जांच में कनिष्ठ अधिकारियों को प्रभारी के रूप में नियुक्त कर उच्च पदों का कार्यभार देकर कार्य कराने, सहकारी चीनी मिलों के विस्तारीकरण, माडिफिकेशन तथा सामान खरीद में भ्रष्टाचार करने का शिकायतों को शामिल किया गया। इन सभी मामलों में आईएएस बीके यादव जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये। श्री गर्ग ने जांच के दौरान बीके यादव को रमाला चीनी मिल बागपत में गबन करने तथा अन्य चीनी मिलों में अवैध रूप से शीरा एवं चीनी बेचने के आरोप में उप मुख्य रसायनविद् चेतन शर्मा का प्रकरण बिना किसी दण्ड के निक्षेपित कर पदोन्नति दिये जाने सम्बन्धी आरोपों के लिए के प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए किसी अन्य निष्पक्ष एजेन्सी से जाँच कराने की संस्तुति की थी। श्री भूसरेड्डी ने बताया कि मण्डलायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर सहकारी चीनी मिल संघ के तत्कालीन प्रबंध निदेशक बीके यादव की आय से अधिक सम्पत्ति के सम्बंध में सीबीआई से जांच कराने का फैसला लिया गया है।







