बिहार में पूर्णशराबबंदी के बावजूद अन्य प्रदेशों में अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोग अपनी रणनीति समय समय पर बदल रहे हैं और उसका मुकाबला करने के लिए हम लोगों ने भी अपनी रणनीति बदली है यह बातें आज पुलिस महानिदेशक ‘मुख्यालय’ एस के सिंघल ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मीडिया कर्मियों से कही।
उन्होंने बताया कि पुलिस और उत्पाद विभाग शराबबंदी को लेकर जो गिरफ्तारी की है वह एक मामूली अंश है। असली चीज यह है कि इसमें चार खास श्रेणी आपूर्तिकर्ता, प्राप्तकर्ता, भंडारण तथा वितरण गिरोह के लोग हैं अलग अलग तरह से संचालन कर रहे हैं। चारों पूरी तरह से संगठित तौर पर संचालन कर रहे हैं तथा चारों का आपस में तालमेल भी संगठित रूप से है।
सिंघल ने कहा कि विगत तीन महीने के दौरान अब तक अवैध शराब के संगठित कारोबार में संलग्न चार विशेष श्रेणी के कुल 14710 लोग गिरफ्तार किए गए जिनमें आपूर्तिकर्ता गिरोह के 1624 , प्राप्तकर्ता गिरोह के 4344, भंडारण गिरोह के 549 तथा वितरण गिरोह से संबंधित 4490 व्यक्ति शामिल हैं। इससे संबंधित कुल 10031 मामले दर्ज हुए हैं और इन तीन महीने के दौरान देशी और विदेशी कुल 409741 लीटर शराब जब्त की गयी।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा दो पहिया 2422 वाहन, चार पहिया 1006 वाहन, 408 निजी भवन एवं भूखंड, 83 व्यवसायिक भवन जब्त किए गए।
मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने बताया कि जो ट्रेंड देखा गया है उसमें उत्तर बिहार में हरियाणा से अवैध शराब के आने के साक्ष्य सबसे अधिक मिले हैं और उसका हरियाणा में किस आपूर्तिकर्ता से संबंध है वह भी स्थापित हो चुका है और वहां भी गिरफ्तारियां और कार्वाई हुई हैं।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा छत्तीसगढ और झारखंड से भी अवैध शराब बिहार में आने की जानकारी मिली है। झारखंड जाकर भी हमने छापेमारी की है और गिरफ्तारी एवं कार्वाई की है तथा आवश्यक्तानुसार बिहार से सटे अन्य प्रदेश के की सीमावर्ती जिलों की पुलिस से मदद ली है।
सिंघल ने बताया कि मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम 2016 का उल्लंघन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्वाई की गयी है जो कि किसी न किसी रूप में शराबबंदी के काम में व्यवधान डाल रहे थे अथवा उनकी संलिप्ता थी। कुल ऐसे 50 पुलिस पदाधिकारी :सहायक अवर निरीक्षक, सहायक निरीक्षक और निरीक्षक: जिनमें 5 को सेवा से बर्खास्त किया गया है और 46 पुलिसकर्मी हैं जिनमें से 13 को सेवा से बर्खास्त किया गया है।







