दो सौ दुर्लभ पंछियों को देखकर बोले लोग लगता है पिछले समय में चले गए हम!

0
156

गांधीसागर अभयारण्य में मिले लगभग 200 दुर्लभ पक्षी

नई दिल्ली, 20 मार्च 2019: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में बीते पखवाड़े पक्षी विशेषज्ञों का जमावड़ा रहा और उत्साहित करने वाली बात यह है कि इस दौरान उन्होंने तकरीबन 200 दुर्लभ प्रजातियों के पक्षियों को न सिर्फ देखा बल्कि उनके बारे में तमाम जानकारी भी एकत्र की।

वन विभाग के अधिकारी ने इस संबंध में मीडिया को बताया कि 22 से 24 फरवरी के बीच 7 राज्यों के 80 पक्षी विशेषज्ञ एवं पक्षियों को पहचानने में रुचि रखने वाले लोग यहां जुटे। इन लोगों ने 361 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले गांधीसागर के अभयारण्य में दुर्लभ पक्षियों की जानकारी एकत्र करने के लिए सर्वे किया।

वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) मंदसौर मयंक चांदीवाल ने कहा कि पक्षी विशेषज्ञों ने लगभग 191 प्रकार के दुर्लभ पक्षियों को अपने-अपने कैमरों में कैद किया और इन पक्षियों के बारे में जानकारी एकत्र कर वन विभाग मंदसौर को सौंप दी। देश के विभिन्न भागों से पक्षियों के बारे में जानकारी एकत्र करने आए इन विशेषज्ञों के लिए कुल 24 मार्ग तय किये गये थे और प्रत्येक मार्ग में 3 से 4 सदस्य विशेषज्ञों के साथ फॉरेस्ट गार्ड तथा सुरक्षा गार्ड भी रखे गये थे। अभी कुछ और जानकारी आना बाकी है, जिसके बाद दुर्लभ पक्षियों की संख्या में और इजाफा होने का अनुमान है।

सर्वे के दौरान विशेषज्ञ दलों को जो दुर्लभ पक्षी देखने को मिले है उनमें पेंटेड सेड, ग्राउस मेल और फीमेल, ब्राउन कैप्ड, पिगनी वुड पैकर, सवाना नाईटजर, लेसर गोल्डन, बैक वुड पैकर, एन्ड हेबिटाट, रेड क्रस्टेड, पोचार्ड, रेड नेकेट फाल्कन, क्रेस्टेड हॉक ईगल, ब्राउन फिश ओल, वेलिकन, टफ्टेड डक, डाल मेटियन आदि शामिल हैं। पक्षियों में रुचि रखने वालों और विशेषज्ञों से इस सव्रे में शामिल होने के लिए आवेदन आमंत्रित किये गये थे।

देश भर से कुल 115 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 80 विशेषज्ञों को यहां आने का न्यौता दिया गया। यहां आए लोगों में सतीश पांडे, इलना फाउंडेशन पुणो, अजय गडिकर इंदौर, स्वप्निल फणसे इंदौर के अलावा मुम्बई में वाइल्ड लाइफ का कोर्स कर रहे 10 छात्र समेत देश के 7 राज्यों के विशेषज्ञ शामिल थे। गांधीसागर के अभयारण्य में सव्रे करने वाले देवकुमार वासुदेवन ने कहा कि यहां चम्बल का बहुत बड़ा रूप देखने को मिला। इस क्षेत्र में वल्चर एजिप्शन तथा कई किस्म के वुड्स स्कराइब पक्षियों के अलावा 40-45 प्रकार के दुर्लभ पक्षी देखने को मिले।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here