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बच्चा चोरी की अफवाह से रहें सावधान

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बीते एक दिन में केवल उत्तर प्रदेश में बच्चा चोरी कि अफवाह कि 19 घटनाएं हुयीं, इसमें तीन लोग मारे गए, यह अफवाह गत 20 दिनों से बिहार, उत्तर प्रदेश में जोरों पर हैं, अफवाह से भड़की भीड़ का शिकार, कमजोर मानसिक स्थिति कि महिलाएं, फेरी वाले या भिखारी तो हो  ही रहे हैं, कैन अपने सगे भी हो रहे हैं संभल, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, रायबरेली, बरेली, जौनपुर और गोरखपुर जैसे शहरों में उन्‍मादी भीड़ का खूनी चेहरा सामने आ चुका है. अँधा इन्साफ!
संभल के चंदौसी में कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के छाबड़ा गांव निवासी त्रिलोकी के सात वर्षीय बेटे रवि को सुबह 10 बजे उल्टी-दस्त शुरू हो गए. स्थानीय डॉक्टर से दवा लेने पर भी बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो त्रिलोकी के दो भाई रामौतार और राजू भतीजे रवि को बाइक पर बैठाकर चंदौसी के अस्पताल के लिए निकल पड़े. दोपहर एक बजे जब दोनों भाई भतीजे को लेकर असालातपुर जरई गांव से गुजर रहे थे तो वहां मौजूद ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी. पेट दर्द से चीख रहे बच्चे को देखकर ग्रामीणों को लगा कि उसे जबरन उठा कर ले जाया जा रहा है. रामौतार और राजू को बच्चा चोर समझकर ग्रामीण ने शोर मचाना शुरू कर दिया. आनन-फानन में करीब 300 लोगों की भीड़ मौके पर इकठ्ठा हो गई. इसके बाद दोनों भाइयों को बिना पूछताछ के ही लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया. दोनों को बेरहमी से पीटा गया. दोनों गुहार लगाते रहे कि बच्चा उनका भतीजा है, लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी. इसके बाद पुलिस पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा, लेकिन रास्ते में राजू ने दम तोड़ दिया, रामौतार जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है.
यह सिर्फ एक मामला नहीं है. बुधवार को ही फतेहपुर के गाजीपुर थाना क्षेत्र के खेसहन गांव में ग्रामीणों ने स्वास्थ्यकर्मियों को बच्चा चोर समझकर पीटना शुरू कर दिया. सूचना पाकर मौके पर स्वास्थ्यकर्मियों को बचाने पहुंची पुलिस टीम पर भी ग्रामीणों ने पथराव और फायरिंग कर दी. इस हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जबकि पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया.
गाजियाबाद के लोनी में देखने को मिला, जहां लोगों ने महज इस बात पर बुजुर्ग महिला को घेर लिया क्योंकि उसका पोता गोरा था और वह सांवली। इसके चलते लोगों को लगा कि वह महिला बच्चे को चुराकर लाई है और कई लोगों ने उसकी पिटाई तक कर दी।
पश्चिम यूपी के शामली में रस्सी बेच रहीं पांच महिलाओं को भीड़ ने बच्चा चोरी के शक में जमकर पीटा और वीडियो भी बनाया. पुलिस ने उन्मादी भीड़ से इन महिलाओं को बचाया और थाने ले आई लेकिन भीड़ ने यहां भी उन पर हमला किया. पुलिस ने लाठियां भांज कर भीड़ को हटाया. इससे पहले 21 अगस्त को भी एक शख्स को भीड़ ने पीट दिया था.
ये अफवाहे बाकायदा सोशल मीडिया खासकर व्हाट्सएप्प के माध्यम से फैलाई जा रही हैं. जान लें चाहे यह अफवाह हो या मुंह नोच्वा वाली, गणेश जी दूध पिने की या फिर भूकम्प आने या मोबाइल फोन कि स्क्रीन लाल हो कर फोन रिसीव करने वाली की मौत की – यह एक खतरनाक साजिश होता है
एक संगठन जो कि — झट से बोलो झूट बोलो, बार बार बोलो — की नीति पर चलता है, वह समय समय पर अपने उत्पाती केद्र की सक्रियता, उनके अफवाह तंत्र के प्रचार आदि को चेक करने के लिए भी ऐसा करता है, कई बार स्थानीय या दीगर गंभीर समस्याओं से लोगों का ध्यान भटकाने को भी ऐसे प्रयोग होते हैं
अभी सावन में कृष्ण की प्रतिमा दे दूध पीने की अफवाह फैलाई गयी लेकिन वः ज्यादा चली नहीं, लेकिन अब बच्चा चोरी हिट है आप लोग संभल कर आहें, किसी भी मेसेज को आगे बढ़ने से पहले उसकी प्रमाणिकता जांचें- जहां भी नफरती हरकत दिखें उसका प्रतिरोध और रिपोर्ट भी करें .
डीजीपी ओपी सिंह ने इस चुनौती से निपटने के लिए अस्पताल, बस अड्डा व स्टेशन के आसपास तथा संवेदनशीन स्थानों पर ग्रुप पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिये हैं। डीजीपी ने कहा कि इन घटनाओं में एक भी मामले में बच्चा चोरी करने की बात सामने नहीं आई है। बच्चा चोरी की अफवाह फैलाने वालों व ऐसी घटनाओं में शामिल आरोपितों के खिलाफ अब रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसी सभी मुकदमों में 7 सीएलए एक्ट के तहत भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
– पंकज चतुर्वेदी

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