समय पर युद्धपोत ना बना सके रिलायंस की बैंक गारंटी जब्त

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नेवी चीफ सुनील लामा ने कहा करार अब भी कायम

नई दिल्ली, 05 दिसम्बर 2018: करार के मुताबिक वक्त पर युद्धपोत के सप्लाई न करने पर भारतीय नेवी ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस नवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (आरएनआईएल) के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा ने कहा कि नेवी के लिए पांच पौधों की आपूर्ति में 4 साल से ज्यादा की देरी करने पर (आरएनआईएल) की बैंक गारंटी जप्त की गई है। कंपनी को तटीय निगरानी पोतों की सप्लाई करनी थी जिसमें पहले ही 4 साल की देरी हो चुकी है।

बता दें कि सरकार के साथ करार की शर्तों को पूरा करने के लिए सप्लायर को बैंक गारंटी जमा करनी होती है। अगर कंपनी अपने वादे पूरे करने में नाकाम रहती हैं, तो सरकार के पास यह अधिकार होता है कि वह इस बैंक गारंटी को पेनल्टी के तौर पर कैश करा ले। हालाँकि नेवी चीफ ने कहा कि अभी कंपनी के साथ करार ख़त्म नहीं किया गया है इसकी जांच की जा रही है और उस पर आगे के कदम के बारे में फैसला लिया जा रहा है।

रिलायंस डिफेंस राफेल डील को लेकर विवादों के घेरे में:

मालूम हो कि अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस 58,000 करोड़ रुपये के राफेल डील को लेकर विवादों के घेरे में है। कांग्रेस ने सरकार पर कंपनी का पक्ष लेने का आरोप लगाया है। हालांकि, कंपनी के साथ ही सरकार भी इन आरोपों का खंडन कर चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पांच समुद्री गश्ती जहाजों का 3,000 करोड़ रुपये का मूल करार पिपावाव डिफेंस एंड आफशोर इंजीनियरिंग को 2011 में मिला था। अनिल अंबानी समूह ने 2016 में इस कंपनी का अधिग्रहण कर लिया था. मूल अनुबंध के तहत पहले जहाज की आपूर्ति 2015 के शुरू में की जानी थी।

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