ज्यादा लोगों को सस्ती चीनी देने की तैयारी, सोलह करोड़ अतिरिक्त परिवारों को मिल सकता है फायदा
नई दिल्ली, 04 जून 2019: सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए सस्ती दरों पर 16.3 करोड़ अतिरिक्त परिवारों को एक किलो चीनी उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है। इससे सरकारी खजाने पर 4,727 करोड़ रपए का बोझ पड़ेगा। साथ ही सरकार मानसून से पहले भंडारण को कम करने के मकसद से अतिरिक्त अनाज उपलब्ध कराने पर भी विचार कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले सप्ताह मंत्रिमंडल की पहली बैठक में सब्सिडी दरों पर चीनी उपलब्ध कराने के खाद्यान्न मंत्रालय के प्रस्ताव पर र्चचा की गई। लेकिन उसमें कोई निर्णय नहीं हुआ। बैठक में मंत्रिमंडल ने मंत्रालय से प्रस्ताव पर फिर से काम करने तथा अतिरिक्त खाद्यान्न (चावल या गेहूं) वितरण पर विचार करने को कहा। फिलहाल अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के तहत 2.5 करोड़ परिवारों को 13.5 रपए किलो पर चीनी की आपूर्ति की जा रही है।
कहा जा रहा कि अतिरिक्त 16.29 करोड़ लाभार्थी परिवारों को एक किलो चीनी मिलने से सरकारी खजाने पर 4,727 करोड़ रपए का बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मंत्रालय एक या दो किलो अतिरिक्त खाद्यान्न की आपूर्ति करने पर विचार कर रहा है लेकिन इस बारे में अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सरकार 80 करोड़ लोगों को 5 किलो अनाज हर महीने काफी सस्ती दर पर उपलब्ध कराती है। इसके तहत गेहूं 2 रपए किलो जबकि चावल 3 रपए किलो दिया जा रहा है।







