आज 26 जनवरी 2019 की सुबह थी लेकिन तीन दिन से मौसम ने सब माहौल बिगाड रखा था स्कूल भेजने में बच्चों को भी ठण्ड में भेजने का मन नहीं था लेकिन दिल में जोश और जूनून था लेकिन इसे सेलिब्रेट कैसे किया जाये, यह सोचना भी जरुरी था यह काम सोशल मीडिया ने कर दिया, इधर हाथ में फ़ोन उठाया ही था कि ढेरों सन्देश दोस्तों ने पहले से ही भेज रखे थे और फिर मैंने भी मोबाइल फ़ोन कि आज़ादी का भरपूर उपयोग किया तो देखा कि इस बहाने सोशल मीडिया से धड़ाधड़ घर -घर पहुँचती रहीं गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें।
आज गणतंत्र दिवस इस मौके पर कम्युनिकेशन की बात जायज इसलिए भी है क्योंकि हमारा गणतंत्र सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति का अधिकार प्रदान करता है इससे मैसेज यह जाता है कि हम ऐसे देश के नागरिक हैं। जहां उन पर जीने और संविधान के दायरे में रहते हुए अपने सपनों को पूरा करने की आजादी है। किसी भी देश में टेक्नोलॉजी के विकास के साथ-साथ सोशल विचारधाराओं का भी विकास होना जरूरी है। सोशल मीडिया का अस्तित्व में आना इस दिशा में पहला कदम है।

फिलहाल देश में लाखो लोग फेसबुक, टि्वटर, व्हाट्सएप और अन्य तरह के सोशल मीडिया एप से जुड़कर अभिव्यक्ति की आजादी का उपयोग कर रहे हैं। आज टेक्नोलॉजी की दुनिया में तेजी से बदलाव हो रहा है इसके माध्यम से आप पलक झपकते ही मनचाही चीजें ऑर्डर कर पाते हैं। दुनिया में अपने से आसानी से संपर्क स्थापित कर पाते हैं। इसलिए यह कहा जा सकता है कि पिछले 20 साल में टेक्नोलॉजी में जीवन की दिशा और दशा को भी बदलने के साथ साथ सोच को भी बदलना है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर सौरभ श्रीवास्तव कहते हैं कि गणतंत्र दिवस का मतलब है कि आप भी बंधन से आजाद हैं और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में उन्मुक्त कदम बढ़ा सकते हैं। नयी सोच के साथ किसी भी काम को अंजाम दे सकते हैं।
फिलहाल सोशल मीडिया पर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देने का सिलसिला जारी है लोग इस प्लेटफार्म का जबर्दस्त इस्तेमाल कर रहे हैं इसके बावजूद इसे सेलिब्रेट करने का जज्बा आज भी उसी अंदाज में दिखता है।जैसा कि बचपन में देखने को मिलता था। डॉ विनय कहते हैं कि स्कूल के दिनों सुबह-सुबह गणतंत्र के परेड में शामिल होने का झंडे को फहराते देखना, कल्चरल प्रोग्राम का हिस्सा बनना, जी भर कर मिठाइयां खाना आज भी मुझे याद है, अब जबकि सोशल मीडिया पर धड़ाधड़ सन्देश यही याद दिलाते हैं कि चाहे जितनी भी अभिव्यक्ति कर ले लेकिन इस अंदाज में सेलिब्रेट करने का मजा ही कुछ और था और हमें इस आजादी का दिल खोलकर स्वागत करना चाहिए।
- सुशील कुमार







