नई दिल्ली, 11 जून। विदेश राज्यमंत्री वी के सिंह ने इस वर्ष की कैलाश मानसरोवर यात्रा के श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को सोमवार को यहां से रवाना किया। पहले जत्थे में 60 श्रद्धालु शामिल हैं जो लिपुलेख दर्रे के रास्ते कैलाश मानसरोवर पहुंचने वाले है। यहां लिपुलेख दर्रे (उत्तराखंड) और नाथु ला दर्रे (सिक्किम) के जरिये पहुंचने के दो रास्ते हैं। सिंह ने बताया कि इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 3734 आवेदन प्राप्त हुए थे। ड्रा के बाद करीब 1500 लोगों को यात्रा के लिए चुना गया।
उन्होंने बताया कि 60-60 श्रद्धालुओं के 18 जत्थे लिपुलेख दर्रे के जरिये कैलाश मानसरोवर पहुंचेंगे। वहीं,50-50 श्रद्धालुओं के 10 जत्थे नाथु ला दर्रे से कैलाश मानसरोवर पहुंचने वाले है। इस यात्रा को लिपुलेख दर्रे से पूरा करने में प्रत्येक जत्थे को 24 दिन लगेगा, जिसमें दिल्ली में तैयारी करने के तीन दिन शामिल हैं।
नाथु ला दर्रे के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा 21 दिन में पूरी हो जाती है जिसमें दिल्ली में तैयारी के तीन दिन शामिल है। यह रास्ता मोटर के द्वारा किया जा सकता है। यह उन बुजुर्गों के लिए सुविधाजनक है जो ट्रेकिंग नहीं करते हैं। सिंह ने बताया कि इस बार दो अनुभवी संपर्क अधिकारी भी साथ रहने वाले है। इन अधिकारियों को रास्ते की बेहतर जानकारी है और वह बुजुर्गों की देखरेख भी करने वाले है।







