- निजी घरानों को पेमेन्ट की गारण्टी देने के लिये इस प्रकार का आदेश जारी कराना गंभीर जाॅंच का विषय देश के प्रधानमंत्री जी करें हस्तक्षेप वर्ना पावर सेक्टर होगा तबाह: उपभोक्ता परिषद
लखनऊ,19 जुलाई 2019: भारत सरकार ऊर्जा मंत्रालय द्वारा 1 अगस्त से पूरे देश में बिजली पैदा करने वाली कम्पनियों को एडवांस में पैसा देने पर ही बिजली दिये जाने का जो आदेश जारी किया गया है वह पूरी तरीके से पूरे देश के ऊर्जा सेक्टर में बिजली संकट पैदा करने वाला फैसला है। यह बात उपभोक्ता परिषद ने कही। परिषद ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री जी को अविलम्ब इस मामले पर हस्तक्षेप करना चाहिये। देश की विद्युत वितरण कम्पनियाॅ किससे नगद बिजली खरीदेगी या एडवांस में यह उनके अधिकार क्षेत्र का मामला है। उसमें भारत सरकार को पेमेन्ट की गारण्टी दिलाने वाला आर्डर करना एक तरह से निजी घरानों को संरक्षण प्रदान करने वाला फैसला है जो भविष्य में निजीकरण का रास्ता साफ करेगा।
उपभोक्ता परिषद ने कहा कि एक तरफ सरकार 24 घण्टे सबको बिजली देने की बात करती है दूसरी तरफ पेमेन्ट की गारण्टी वाला फैसला देना ऊर्जा क्षेत्र को संकट में डालने वाला फैसला है। यह केवल इसलिये किया जा रहा है कि बिजली कम्पनियाॅं जब एडवांस पैसा देकर बिजली नही खरीद पायेंगी और संकट में पडेंगी तब निजी घराने सरकार पर दबाव डालकर बिजली कम्पनियों को खरीदने की साजिश करेगी बोलेंगे जब सरकारी बिजली कम्पनियाॅं आर्थिक रूप से बिजली नही खरीद पा रही हैं तो यह हम निजी घरानों को दिया जाये हम सबको बिजली देंगे। यह तथाकथित बिजली संकट जो अगस्त में आने वाला है दोनों तरफ से निजी घरानों की बल्ले बल्ले है जिसका हर स्तर पर विरोध किया जायेगा।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा जिस प्रकार से देश के ऊर्जा क्षेत्र में कुछ निजी घराने अपने उत्पादन गृहों को बचाने के लिये षडयंत्र कर रहे हैं उनका जल्द ही पर्दाफांश किया जायेगा। देश के ऊर्जा मंत्री जी द्वारा एक तरफ सभी राज्यों को यह प्रस्ताव भेजा गया है कि 3 साल के अन्दर सभी राज्य में प्री पेड ही व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू होगी फिर अब इसी बीच 1 अगस्त से बिजली पैदा करने वाली कम्पनियों को एडवांस में पैसा जमा करने पर ही बिजली देने की बात करना पूरी तरह गलत है।
उन्होंने कहा कि अभी उपभोक्ता पहले बिजली का उपभोग करता है फिर उसका पैसा जमा करता है जब पूरे देश में प्री पेड व्यवस्था 100 प्रतिशत लागू हो जाये तब इस प्रकार का आर्डर संवेैधानिक होगा अभी इस प्रकार का आदेश केवल निजी घरानों को भविष्य में फलने फूलने और अपना पैर पसारने के लिये एक मैदान तैयार करने का मौका दिया जा रहा है जिसका हर स्तर पर उपभोक्ता परिषद विरोध करेगा।







