कांग्रेस ने गरीबी हटाओं के नाम पर सिर्फ धूल झोंका: प्रधानमंत्री

0
478
file photo

मैंने भी गरीबी को जीया है और गरीबों स्वाभिमान को जानता हूं

रांची, 24 सितम्बर 2018: रांची में आज सोमवार को प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि गरीबी हटाओ का नारा आजादी से समय से ही लोग सुनते रहे हैं। लेकिन गरीबी हटाने के नाम की माला जपने वाले लोग गरीबी के नाम पर राजनीति करते रहे।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ‘गरीबी हटाओ’ के नारे के नाम पर देश की जनता की आंखों में धूल झोंकी गई, सरकारी खजाने को लूटा गया, लेकिन यदि वास्तव में गरीबों के लिए कुछ किया गया होता तो आज देश में उनकी यह हालत नहीं होती। विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत’ का आज शुभारंभ करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह बात कही। अगर पूर्व की सरकारों ने इस विषय पर सोचा होता तो आज भारत की यह स्थिति नहीं होती।

प्रधानमंत्री ने कहा, पूर्व की सरकारों की यह सोच थी कि गरीब मांगता है। लेकिन मैं कहता हूं कि गरीब स्वाभिमानी होता है। मैंने भी गरीबी को जीया है और उसके स्वाभिमान को जानता हूं। उन्होंने कहा कि मैं गरीबों के सम्मान के लिए गरीबी की बीमारी के जड़ को पकड़ा है जिसके चलते पिछले कुछ वर्ष में पांच करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर आये हैं।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ही वोट बैंक की राजनीति को बढ़ावा दिया गया जिसके चलते चुनाव के समय गरीबों के सामने कुछ टुकड़े फेंकने की पंरपरा बना दी गयी लेकिन हमारी सरकार ने इस व्यवस्था को बदला है। उन्होंने कहा कि गरीब को जब कुछ मिलता है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है। इसी का परिणाम है कि हाल में संपन्न हुए एशियाई खेलों में अधिकतर पदक गरीबों और निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों ने हासिल किये हैं। उन्होंने कहा कि गांव में जन्म लिए युवा और युवती आज खेल में मेडल ला रहे हैं क्योंकि उन्होंने गुरबत में अपना जीवन बिताया है और वहां भी संघर्ष कर अपने लिए रास्ता बनाया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा मंत्र सबका साथ सबका विकास का है इसीलिए आयुष्मान भारत जैसी योजना से हमने गरीबों को सशक्त किया है। यह योजना किसी जाति, धर्म, समुदाय, ऊंच नीच पर आधारित नहीं है। इसका लाभ हर किसी को मिलेगा। मोदी ने कहा, मेरी सरकार की सभी योजनाएं गरीबों के जीवन में आमूलचूल बदलाव लाने के लिए लायी गयी हैं। यह योजना मंदिर में जाने वाले, मस्जिद, चर्च अथवा गुरुद्वारे में जाने वाले, भगवान को मानने वाले या न मानने वाले सभी लोगों के लिए है। उन्होंने कहा कि अब वोट बैंक राजनीति के लिए लोगों को जाति, धर्म, क्षेत्र, ऊंच नीच के आधार पर बांटने की राजनीति बंद हो गयी है जिससे विपक्ष उतावला हो रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here