रमाबाई मैदान में उमड़ा जनसैलाब, 50 से अधिक वर्तमान व पूर्व विधायक, सांसद व मंत्री रहे मौजूद
लखनऊ, 09 दिसम्बर 2018: रविवार को रमाबाई का मैदान प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की ऐतिहासिक महारैली में उमड़ी भीड़ व जनसैलाब का गवाह बना। भीड़ का आलम यह था कि रमाबाई और आसपास का इलाका शनिवार की रात ही घंटों जाम में रहा। रैली में 50 से अधिक वर्तमान व पूर्व विधायक, सांसद व मंत्री रहे मौजूद रहे। पूरे प्रदेश से जनसैलाब ट्रेन, बसों व निजी साधनों से शनिवार से ही लखनऊ में पहुंचने लगा था। महारैली में उमड़ी भीड़ से उत्साहित शिवपाल यादव ने कहा क़ि पिछले 3 दशकों में देश में सामाजिक न्याय को बहुत कामयाबी मिली है, बहुत लोगों का जीवन सुधरा है, लेकिन अभी बहुत काम करना बाकी है। सामाजिक न्याय की यात्रा में बहुत सी जातियां और समूह पीछे छूट गए हैं।
उन्होंने कहा कि इस रैली का असल मकसद तब पूरा होगा जब तरक्की और खुशहाली आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुचेगी। सामाजिक न्याय की ये लड़ाई तब सफल होगी जब बिना किसी भेद-भाव के सभी को रोजी-रोटी-रोजगार,सुरक्षा, मुफ्त दवाई व शिक्षा मिलेगी। ये लड़ाई इसी बात की है। समाज के हर व्यक्ति को रोजी-रोटी-रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है, हम सरकार से कोई खैरात नहीं मांग रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लोहिया जी कहा करते थे, ‘जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’। लेकिन देश में 1931 की जनगणना में जातिगत आकडे आखिरी बार एकत्रित किए गए। मतलब 1931 के जातिगत आंकड़ो के आधार पर 2018 में आरक्षण मिल रहा है। अगर आज ईमानदारी से जनगणना हो तो पता चल जाए कि दलित, पिछड़ों व अल्पसंख्यकों की संख्या देश की कुल आबादी की 85 फ़ीसदी है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी जातिगत जनगणना के आधार पर आरक्षण की पक्षधर है और यदि हमारी सरकार आई तो कानून लाकर जातिगत जनगणना व उसपर आधारित आरक्षण को लागू किया जाएगा।
उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आज की भाजपा सरकार गरीब, पिछड़ो व दलित के नाम पर सत्ता में आई थी, लेकिन सरकार ने इन सभी का वोट लेकर उन्हें केवल छला है। उनके हित में कोई काम नहीं किया और यही वजह है कि आज गरीब, पिछड़ो, दलित व अल्पसंख्यक समाज का देश और प्रदेश की तमाम पार्टियों से मोहभंग हो गया है।
पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था। लेकिन उन्हीं के आकड़ें बताते हैं कि केवल साढ़े चार लाख लोगों को रोजगार मिला। लाखों नौजवान बीटेक और बीएड करके घर बैठे हैं मगर कहीं बहाली नहीं है। भाजपा ने राजनीति को सोशल मीडिया पर भेजे जाने वाले प्रोपेगैंडा में ही इन छात्रों को उलझा दिया है।
भाजपा कि सरकार में भ्रष्टाचार का बोलबाला:
आज भाजपा कि सरकार में भ्रष्टाचार का बोलबाला है,ललित मोदी, नीरव मोदी,मेहुल चोकसी और विजय माल्या जैसे लोग देश का पैसा लूट कर फरार हो गए और सरकार कुछ नहीं कर सकी। अधिकारी /कर्मचारी सरकार के काबू के बाहर हो गए हैं। जब हम सरकार में थे हमने तब भी भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई और मैनपुरी में अगस्त 2016 में ही मंत्री परिषद से इस्तीफे की पेशकश की। हमारी लड़ाई हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ रही है उसके लिए हमने पद की भी चिंता नहीं की और उसके बाद जो हुआ वो आप सब जानते हैं क्योंकि हमारी पुरानी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी थी एवं लाखों प्रतिबद्ध मेहनती समाजवादी कार्यकर्ताओं को कुछ चाटुकारों, अवसरवादी एवं आधारहीन नेताओं के एवज में अपमानित एवं उपेक्षित किया गया।
उन्होंने कहा कि थानों व तहसीलों में खुले आम पब्लिक के साथ उगाही की जा रही है। अल्पसंख्यक समाज में भय व्याप्त है, दलितों व पिछड़ों पर अत्याचार किया जा रहा है एवं अल्पसंख्यकों,दलितों व पिछड़ों पर अत्याचार करने वालों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। सहारनपुर से लेकर ऊना तक की घटनाएं गवाह है।
महंगाई इस कदर बढ़ गई है कि सामान्य परिवारों को दो वक्त की रोजी रोटी का जुगाड़ कर पाना भी मुमकिन नहीं है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत आसमान छू रही है और रुपया गिरता जा रहा है। भाजपा सरकार का नारा “सबका साथ सबका विकास“ कि जगह “कुछ का विकास एवं शेष का सर्वनाश“ हो के रह गया है।







