Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, July 28
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»इंडिया

    दलित-पिछड़ों के मिलन में मुसलमान दोराहे पर

    By January 13, 2019 इंडिया No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 612
    नवेद शिकोह
    दलितों और पिछड़ों की राजनीति में माहिर दल सपा-बसपा दशकों पुरानी तल्खियां भुला कर एक हो गये। दलितों-पिछड़ों को एक छतरी के नीचे लाकर यूपी से भाजपा को साफ किया जा सकता है, इस कॉन्फिडेंस में ये गठबंधन मुस्लिम वोट को लेकर ओवर कॉन्फिडेंस मे है। बसपा प्रमुख मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की साझा प्रेस कांफ्रेंस में गठबंधन की घोषणा में जाति के खूब जिक्र हुए लेकिन मुसस्लिम समाज के किसी भी दर्द की चर्चा नहीं हुई। एक दूसरे के धुर विरोधी रहे अखिलेश और मायावती भले ही आपस में बेहतर सामंजस्य बनाने में कुशलता दिखा रहे हैँ किन्तु दलित-पिछड़ों के साथ खुल कर मुसलमानों का सामंजस्य बनाने में थोड़ा हिचक रहे हैं।
    वजह ये है कि पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में सपा-बसपा के पारंपरिक वोटर भाजपा के साथ जिन कारणों से चले गये थे उनमें एक मुख्य कारण ये भी था कि पिछड़ों-दलितों के मन में ये बात जगह कर गयी थी कि सपा और बसपा में मुस्लिम समाज को विशेष तवज्जो दी जाती है। पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा प्रमुख मायावती ने मुसलमानों को दिल खोलकर टिकट दे दिये। जिसके कारण बसपा को अपने पारंपरिक मतदाताओं का भरोसा खोना पड़ा। इसी तरह सपा की झोली के पिछड़े भी ऐसे ही भावना के साथ भाजपा की तरफ छिटक गये थे।
    यही कारण है कि बसपा और सपा दोनो दलों के नेता अपने-अपने जातिगत वोटबैंक को संजो कर रखने के लिए अल्पसंख्यक समाज को रिझाने वाले मुद्दों से परहेज करने लगे है।
    प्रेस कांफ्रेंस में तमाम बातों में जातियों की खूब चर्चा हुई। अखिलेश यादव ने तो भाजपा सरकार पर यहां तक आरोप लगा दिया कि गंभीर मरीज जब इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जाता है तो पहले उसकी जाति पूछी जाती है और फिर उसकी जाति के हिसाब से ही इलाज होता है।
    भाजपा सरकार के आलोचकों द्वारा मुस्लिम समाज में खौफ व्याप्त होने से लेकर माॅब लिचिंग की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की जाती रही है। अलीगढ़ में कथित फर्जी मुठभेड़ में मारे गये मुस्लिम युवक की चर्चा से लेकर गो रक्षा के नाम पर पहलू खान और इखलाक जैसों की हत्या की फिक्र भी भाजपा विरोधी खूब करते रहे हैं।
    किन्तु अल्पसंख्यक समाज की प्राथमिक आवश्यकताओं, बदहाली या असुरक्षा को लेकर गठबंधन के दोनों नेताओं ने एक भी शब्द नहीं बोला। राजनीति विश्लेषकों का कहना है कि यूपी की आबादी में करीब बीस प्रतिशत मुस्लिम वोट की ताकत पर सपा-बसपा गठबंधन एकाधिकार मानकर अति आत्मविश्वास का शिकार है।
    मनोविज्ञानिक पहलू से देखिये तो खासकर यूपी का अल्पसंख्यक वर्ग एक्स्ट्रा केयर का आदि हो गया है। अब से करीब तीस बरस पहले यूपी में कांग्रेस के हिस्से से छीन कर मुसलमानों का भरोसा जीतने वाले मुलायम सिंह यादव ने अल्पसंख्यक समाज के लिए क्या क्या किया वो अलग बात है लेकिन उनके हर भाषण में मुस्लिमपरस्ती की झलक दिखती रहती थी। बसपा के संस्थापक काशीराम ने भी मुलायम सिंह के साथ गठबंधन बनाकर दलितों और मुसलमानों की दो नाली सियासी बंदूक चलाकर भाजपा को शिकस्त देने की रणनीति तय की थी। काशीराम और मुलायम के अतीत के गठबंधन के लम्बे अर्से बाद अब जब मायावती और अखिलेश यादव ने इतिहास दोहराने की कोशिश की है तो इन दोनों तस्वीरों में कुछ फर्क नजर आ रहा है।
    गठबंधन मुसलमानों को तवज्जो ना देकर जातिगत राजनीति को ज्यादा तरजीह दे रहा है। अनुमान लगाया जा सकता है कि इसका किसी हद तक लाभ कांग्रेस उठा सकती है। मुसलमानों को लगने लगा है कि यदि गठबंधन जीतता है तो इसमें हमारा बड़ा श्रेय होगा पर इसका लाभ अल्पसंख्यकों को नहीं पिछड़ों – दलितों को ही दिया जायेगा। सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी ही टिप्पणियों में एक शख्स लिखते हैं कि चुनाव से पहले जब गठबंधन हमारा नाम लेवा नहीं है तो जीतने के बाद क्या खाक हमारी जरूरतें पूरी होंगी !
    गठबंधन और अल्पसंख्यक वर्ग का रूख देखकर लगता है कि यदि कांग्रेस यूपी में पंद्रह – बीस सीटों पर भी लड़ाई में आ गयी तो इन सीटों पर मुसलमानों की पहली पसंद कांग्रेस हो सकती है।  जिन जिन सीटों पर कांग्रेस से मुकाबले में आ जायेगी वहां बल्क में मुस्लिम वोट कांग्रेस का मजबूत सहारा बन सकता है।
    अल्पसंख्यक वर्ग फिलहाल दोराहे पर खड़ा है और गठबंधन और कांग्रेस दोनों के हर रवैये पर निगाहें लगाये है। ऊंट किस करवट बैठेगा और यूपी का तकरीबन बीस फीसद मुस्लिम वैट किस दल के विजय रथ का पहिया बनेगा या बिखर जायेगा ये कहना अभी मुश्किल है। पर ये जरूर लग रहा है कि कथित धर्मनिरपेक्ष दलों के सियासत के दरिया के मझधार में खड़ा यूपी का मुसलमान कभी सपा-बसपा गठबंधन की तरफ देख रहा है तो कभी कांग्रेस की तरफ ताक रहा है।

    Keep Reading

    Heartbroken over love, suicide video on Instagram – but life saved in 7 minutes!

    प्रेम में टूटा दिल, इंस्टाग्राम पर आत्महत्या का वीडियो – लेकिन 7 मिनट में बच गई जान!

    The New Look of Katauta Lake: Lucknow Municipal Corporation's Special Cleanliness Drive

    कटौता झील का नया रूप: लखनऊ नगर निगम का विशेष स्वच्छता अभियान

    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: केवल प्रदर्शन से पुलिस को लाठीचार्ज का अधिकार नहीं

    Rahul Gandhi's strong support for tribals: Will ensure justice for those displaced by the Ken-Betwa project.

    राहुल गांधी का आदिवासियों को बड़ा समर्थन: केन-बेतवा परियोजना में विस्थापितों को न्याय दिलाएंगे

    Memorandum by the Uttar Pradesh Primary Teachers' Association: District Magistrate confronted over 17-point demands.

    उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का ज्ञापन: 17 सूत्रीय मांगों पर जिला अधिकारी को घेरा

    Humanity and a mother's love: Mother saves child in burning forest; firefighters' emotional rescue.

    इंसानियत और माँ का प्यार: जलते जंगल में बच्चे को बचाती माँ, फायरफाइटर्स का भावुक रेस्क्यू

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Heartbroken over love, suicide video on Instagram – but life saved in 7 minutes!

    प्रेम में टूटा दिल, इंस्टाग्राम पर आत्महत्या का वीडियो – लेकिन 7 मिनट में बच गई जान!

    July 27, 2026
    The New Look of Katauta Lake: Lucknow Municipal Corporation's Special Cleanliness Drive

    कटौता झील का नया रूप: लखनऊ नगर निगम का विशेष स्वच्छता अभियान

    July 27, 2026

    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: केवल प्रदर्शन से पुलिस को लाठीचार्ज का अधिकार नहीं

    July 27, 2026
    Rahul Gandhi's strong support for tribals: Will ensure justice for those displaced by the Ken-Betwa project.

    राहुल गांधी का आदिवासियों को बड़ा समर्थन: केन-बेतवा परियोजना में विस्थापितों को न्याय दिलाएंगे

    July 27, 2026
    Memorandum by the Uttar Pradesh Primary Teachers' Association: District Magistrate confronted over 17-point demands.

    उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का ज्ञापन: 17 सूत्रीय मांगों पर जिला अधिकारी को घेरा

    July 27, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading