मायावती ने उठाया आर्थिक मन्दी और बेरोजगारी का मुद्दा, कहा केन्द्र इसे पूरी गंभीरता से ले

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  • पीएमओ ने राहत पैकेज बनाने को कहा ताकि बचायी जा सकें नौकरियां
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नई दिल्ली,18 अगस्त 2019: ऑटो सेक्टर में आयी मंदी और बेरोजगारी के मुद्दे पर बसपा प्रमुख मायावती बेहद चिंतित हैं उन्होंने इस खतरे से केंद्र को अगाह करते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि देश में व्यापक बेरोजगारी, गरीबी, महंगाई, अशिक्षा, स्वास्थ्य, तनाव/हिंसा आदि की चिन्ताओं के बीच अब आर्थिक मन्दी का खतरा है, जिससे देश पीड़ित है। व्यापारी वर्ग भी काफी दुःखी व परेशान है। छटनी आदि के उपायों के बाद वे आत्महत्या तक को मजबूर हो रहे हैं। केन्द्र इसे पूरी गंभीरता से ले।

उन्होंने आगे ट्वीट करते हुए लिखा कि देश में खासकर एससी, एसटी, ओबीसी व अपरकास्ट समाज के करोड़ो गरीबों की आर्थिक हालत लगातार काफी ज्यादा खराब बनी हुई है। इस सम्बंध में केन्द्र व राज्य सरकारों से माँग है कि वे इन पीड़ित व उपेक्षित वर्गों पर विशेष ध्यान दे तथा गरीबी उन्मूलन आदि योजनाओं का सही लाभ उन्हें उपलब्ध कराए।

इसके अलावा, केन्द्र व सभी राज्य सरकरों से भी यह माँग है कि इन वर्गों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण कोटे के रिक्त पड़े लाखों पदों को विशेष अभियान चलाकर पूरा करे ताकि इनकी आर्थिक स्थिति में थोड़ा सुधार आ सके। देशहित में भी ऐसे कदम उठाने बहुत जरूरी हैं।

ऑटो सेक्टर में छंटनी पर प्रधानमंत्री चिंतित, देंगे राहत पैकेज

ऑटो सेक्टर में मंदी के चलते छंटनी की खबरों से प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) परेशान है। सूत्रों के अनुसार, पीएमओ ने वित्त और भारी उद्योग मंत्रालय से इस बारे में आंकड़े मांगे हैं। साथ ही ऑटो सेक्टर के लिए राहत पैकेज बनाने को भी कहा है, ताकि नौकरियां बच सकें। सेक्टर को फंड बढ़ाने, डीलरों को 60 की जगह 90 दिनों के लिए लोन देने और कुछ समय के लिए टैक्स छूट जैसी राहतों पर विचार किया जा रहा है।

आर्थिक संकट से निपटने के लिए बैठकों का दौर भी चल रहा है। मंदी के असर से बाहर निकलने के लिए वित्त मंत्रालय ऑटो, रिऐलिटी समेत कई क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से बात कर रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ऑटो मैन्युफैक्चरर्स संगठन सियाम ने कहा है कि स्लोडाउन के कारण ऑटो कंपनियां अब तक करीब 20 हजार लोगों को नौकरी से निकाल चुकी हैं। वहीं, 13 लाख लोगों की नौकरियों पर तलवार लटकी हुई है।

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