नई दिल्ली, 28 जनवरी 2019: एक बार फिर राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले की सुनवाई टल गयी है। बता दें कि उच्चतम न्यायालय में अयोध्या मामले की 29 जनवरी को संविधान पीठ द्वारा सुनवाई होनी थी। लेकिन शीर्ष अदालत की ओर से रविवार को जारी एक नोटिस में बताया गया कि न्यायमूर्ति एसए बोबडे की अनुपलब्धता के कारण संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई 29 जनवरी को नहीं करेगी।
इससे पहले 10 जनवरी को एक अलग संविधान पीठ ने मामले की सुनवाई शुरू की थी, लेकिन पीठ में शामिल न्यायाधीश न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित द्वारा मामले से खुद को अलग कर लेने के कारण सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तारीख तय की गयी थी और नए सिरे से पीठ का गठन किया गया।
मीडिया ख़बरों के अनुसार नई संविधान पीठ में न्यायमूर्ति एनवी. रमन और न्यायमूर्ति ललित की जगह न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर को शामिल किया गया है।इलाहाबाद हाई कोर्ट के 30 सितंबर 2010 के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में 14 अपीलें दायर की गई हैं। हाई कोर्ट ने विवादित 2.77 एकड़ भूमि को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला विराजमान के बीच समान रूप से विभाजित करने का आदेश दिया था। हालांकि, शीर्ष अदालत ने मई 2011 में हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने के साथ ही अयोध्या में विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।







