भवन निर्माण भी सदैव एक कौशल के रूप में प्रतिष्ठित रहा है। अपने अपने समय में विशेषज्ञों ने अपने अपने हुनर का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। अनगिनत प्राचीन इमारतें आज भी अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। आधुनिक युग में में नई नई तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे में सिविल इंजियरिंग के विद्यर्थियो को इसकी जानकारी होनी चाहिए। इसी को ध्यान में रखकर लखनऊ विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग संकाय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा बिल्डिंग डिजाइन मे टेक्नोलॉजी की उपयोगिता विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें सिविल इंजिनियरिंग छात्र ऑनलाइन सहभागी हुए।

वेबिनार में एक्सपर्ट राजेन्द्र एवम् अली अंसारी ने छात्रों को आधुनिक भवन निर्माण शैली से अवगत कराया। राजेन्द्र ने ये बताया कि बिल्डिंग डिजाइन में डिजिटल मॉडल्स के थ्री डी डिजाइन के लिए आधुनिक बीआईएम बिल्डिंग इनफार्मेशन मॉडलिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग हो रहा है यह सॉफ्टवेयर भवन का आकर्षक दिखने वाला थ्री डी मॉडल के साथ मेटाडेटा की कई परतें बनाता है। उन्हें एक सहयोगी वर्कफ़्लो के भीतर प्रस्तुत करता है। जिससे बिल्डर्स के लिए बिल्डिंग की डिजाइन समझना बहुत आसान हो जाता है।
अली अंसारी ने निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग मे लाए जाने वाले सॉफ्टवेयर्स ऑटोकैड थ्री डी स्टैडप्रो,प्रीमेवरा आदि के कार्यचलन,उनकी महत्ता एवम् उनके मूलभूत अवधारणाओं सिद्धांतों की जानकारी दी। सॉफ्टवेयर्स का निर्माण के क्षेत्रों में उपयोग के विषय में भी विस्तार से बताया। इसके अलावा इससे संबंधित समस्याओं के समाधान पर भी जानकारी दी। वेबिनार का आयोजन इंजी.जितेंद्र प्रताप सिंह एवं इंजी. गौरव श्रीवास्तव द्वारा किया गया। यह जानकारी डॉ हिमांशु पांडेय ने दी।
एलयू निर्मित सेनेटाइजर
निरंतर शोध व प्रयास के सार्थक परिणाम मिलते है। इस समय कोरोना आपदा के प्रकोप है। इससे मुकाबले के लिए लोग अपने अपने ढंग से प्रयास कर रहे है। लखनऊ विश्वविद्यालय के आचार्यो ने भी इसमें योगदान दिया है। विश्वविद्यालय के सूचना व जनसम्पर्क निदेशक प्रो दुर्गेश श्रीवास्तव ने इसे लखनऊ विश्वविद्यालय के इतिहास में एक नया कीर्तिमान बताया है।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने पिछले माह रसायन विभाग द्वारा निर्मित एलयू केम सैनिटाइजर के निर्माण के लिए तोरल हर्बल प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ से एमओयू किया है। तोरल हर्बल प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ विश्वविद्यालय के रसायन विभाग द्वारा निर्मित एलयू केम सैनिटाइजर का निर्माण करेगा। उसकी बिक्री करेगा की जाएगी। यह ऐसा पहला अवसर है जब विश्वविद्यालय को व्यवसायिक स्तर पर राजस्व की प्राप्ति होगी।
- डॉ दिलीप अग्निहोत्री







