रेलवे के लिए 1,10,055 करोड़ रुपए की रिकार्ड राशि, एक करोड़ अतिरिक्त लाभार्थियों तक उज्जवला योजना विस्तार, 75 वर्ष से अधिक के वरिष्ठ नागरिकों को टैक्स रिटर्न में राहत, सस्ते घर के ऋण के ब्याज में छूट 31 मार्च तक बढ़ी
केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केन्द्रीय बजट 2021-22 पेश किया, जो इस नये दशक का पहला बजट है और अप्रत्याशित कोविड संकट के मद्देनजर एक डिजिटल बजट भी है। आत्मनिर्भर भारत का विजन प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि यह दरअसल 130 करोड़ भारतीयों की एक स्पष्ट अभिव्यक्ति है, जिन्हें अपनी क्षमता और कौशल पर पूर्ण भरोसा है।
उन्होंने कहा कि बजट प्रस्तावों से राष्ट्र पहले, किसानों की आय दोगुनी करने, मजबूत अवसंरचना, स्वस्थ भारत, सुशासन, युवाओं के लिए अवसर, सभी के लिए शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, समावेशी विकास, इत्यादि का संकल्प और मजबूत होगा। इसके अलावा त्वरित कार्यान्वयन के पथ पर बजट 2015-16 के वे 13 वादे भी हैं, जिन्हें देश की आजादी के 75वें वर्ष यानी 2022 के अमत महोत्सव के दौरान पूरे किये जाने हैं।
क्या हुआ महंगा: कॉटन, सिल्क, प्लास्टिक, लेदर, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स, ऑटो पार्ट्स, सोलर प्रॉडक्ट्स, मोबाइल चार्जर, इम्पोर्टेड कपड़े, रत्न (जवाहरात) एलईडी बल्ब फ्रिज/एसी शराब
क्या हुआ सस्ता: नायलॉन के कपड़े लोहा, स्टील, कॉपर आइटम्स, सोना- चांदी, प्लेटिनम
उन्होंने कहा कि ये सभी वादे भी आत्मनिर्भरता के इस विजन के अनुरूप हैं। इस बार के बजट प्रस्ताव इन छह स्तंभों पर आधारित हैं: स्वास्थ्य एवं खुशहाली, भौतिक एवं वित्तीय पूंजी और अवसंरचना, आकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास, मानव पूंजी को फिर से ऊर्जावान बनाना, नवाचार और अनुसंधान व विकास, न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन। स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचागत सुविधाओं में निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है और वर्ष 2020 -21 के बजट अनुमान में स्वास्थ्य एवं खुशहाली के लिए बजट परिव्यय 2,23,846 करोड़ रुपये का है, जबकि इस साल का बजट अनुमान 94,452 करोड रुपये का है, जो 137 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
देश में पहली बार होगी डिजिटल जनगणना:
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में आम बजट 2021-22 पेश करते हुए कई बड़े एलान किए। उन्होंने बताया कि सरकार ने आगामी जनगणना के लिए 3,726 करोड़ रुपयों का आवंटन किया है। देश में पहली बार डिजिटल जनगणना होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार एक राष्ट्रीय भाषा अनुवाद पहल पर भी काम कर रही है। उन्होंने पांच साल में 4,000 करोड़ रुपये की लागत से संचालित होने वाले गहरे महासागर में मिशन की भी घोषणा की। वित्त मंत्री द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी सराहना की।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वित्त मंत्री ने घोषणा की कि 6 वर्षों में लगभग 64,180 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली एक नई केन्द्र प्रायोजित स्कीम ‘पीएम आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना’ का शुभारंभ किया जाएगा। इससे प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक स्वास्थ्य प्रणालियों की क्षमता विकसित होगी, मौजूदा राष्ट्रीय संस्थान मजबूत होंगे, और नये संस्थानों का सृजन होगा, जिससे नई और उभरती बीमारियों की पहचान एवं इलाज करने में आसानी होगी। यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त होगा।
योजना के तहत किये जाने वाले मुख्य उपाय:
- ए. 17,788 ग्रामीण और 11,024 शहरी स्वास्थ्य एवं वेलनेस केंद्रों के लिए आवश्यक सहायता दी जाएगी।
- बी. 11 राज्यों के सभी जिलों और 3382 प्रखंड सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
- सी. 602 जिलों और 12 केन्द्रीय संस्थानों में गंभीर बीमारी की देखभाल से जुड़े अस्पताल ब्लॉक स्थापित किये जाएंगे। डी. राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी), इसकी 5 क्षेत्रीय शाखाओं और 20 महानगरों में स्थित स्वास्थ्य निगरानी इकाइयों को मजबूत किया जाएगा।
- ई. सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं को आपस में जोड़ने के लिए एकीकृत स्वास्थ्य सूचना पोर्टल का विस्तार सभी राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों में किया जाएगा।
- एफ. प्रवेश स्थलों, अर्थात 32 हवाई अड्डों, 11 समुद्री बंदरगाहों और 7 लैंड क्रॉसिंग पर 17 नई सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों को चालू किया जाएगा और 33 मौजूदा सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों को मजबूत किया जाएगा।
- जी. 15 स्वास्थ्य आपातकालीन ऑपरेशन केन्द्रों और 2 मोबाइल अस्पतालों की स्थापना की जाएगी।
- एच. वन हेल्थ के लिए एक राष्ट्रीय संस्थान, डब्ल्यूएचओ के दक्षिणपूर्व एशिया क्षेत्र के लिए एक क्षेत्रीय अनुसंधार प्लेटफॉर्म, जैव सुरक्षा स्तर-3 की 9 प्रयोगशालाओं और विषाणु विज्ञान के लिए 4 क्षेत्रीय राष्ट्रीय संस्थानों की स्थापना की जाएगी।







