पहले पायदान की प्रतिष्ठा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकलांग की जगह दिव्यांग नाम दिया था। इसी के साथ उन्होंने इस वर्ग के लिए विशेष योजनाएं लागू की थी। उनके सम्मानजनक व आत्मनिर्भर जीवन में सरकार की सहभागिता सुनिश्चित की थी। नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेकर इन्हीं योजनाओं को उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लागू किया। योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इस ओर ध्यान दिया। इसके चलते योजनाएँ प्रभावी ढंग से क्रियान्वित हुई। इसी के परिणाम है कि केन्द्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजन पुनर्वास के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम राज्य का पुरस्कार प्रदान किया।

इसके अतिरिक्त दो अन्य श्रेणियों में भी उत्तर प्रदेश को पुरस्कृत किया गया। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू यह पुरष्कार प्रदान किया।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव महेष कुमार गुप्ता ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। सुगम्य भारत अभियान के क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश को सर्वाेत्तम राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया है। विभाग की वेबसाइट को सर्वोत्तम दिव्यांग हितैषी वेबसाइट तथा सर्वश्रेष्ठ पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए वाराणसी जिले को सर्वोत्तम जिले का पुरस्कार प्रदान किया गया है।

सर्वोत्तम सुगम्य वेबसाइट में दृष्टिबाधित दिव्यांगजन स्क्रीन रीडर साॅफ्टवेयर का प्रयोग किया गया है। माउस का प्रयोग करने में कठिनाई महसूस करने वाले व्यक्ति इस वेबसाइट पर वाॅयस रिकाॅगनिशन साॅफ्टवेयर का प्रयोग कर सकते हैं। वर्बल कमांड पर कम्प्यूटर काम करता है। वाराणसी में दिव्यांगों के लिए अच्छा काम होने के कारण सर्वोत्तम जनपद का पुरस्कार मिला है।

  • डॉ दिलीप अग्निहोत्री

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