71वें गणतंत्र दिवस की सभी लोगों को बधाई
26 जनवरी वर्ष 1950 के दिन हमारे देश ने गणतंत्रता हासिल किया था जिसके कारण आज का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों से लिखा गया बहुत महत्वपूर्ण है। डॉ. बी.आर अंबेडकर के नेतृत्व में बनी समिति ने 24 नवंबर 1949 को भारत देश की संविधान का निर्माण कर दिया था लेकिन इसे देश में इसके अगले वर्ष अर्थात वर्ष 1950 में 26 जनवरी को लागू हुआ था। 26 जनवरी को रिपब्लिक डे के मौके पर देश का बच्चा-बच्चा देशभक्ति के रंग में डूबा सराबोर हुआ दिखाई देता है। हम सभी देशवासी इस दिन को अलग-अलग माध्यमों के द्वारा मनाते हैं, कुछ लोग अपने परिधानों के माध्यम से अपनी राष्ट्रभक्ति प्रदर्शित करते हैं तो वहीं पर कुछ लोग देशभक्ति से जुड़े संदेशों को एक-दूसरे को भेज कर अपने आप को गौरवान्वित मानते है।

आज का दिन हम सभी भारत वासियों के लिये बड़े हर्षों-उल्लास के साथ मनाया जाने वाला गौरवपूर्ण दिवस है। आज हम सभी देशवासियों को इस 71 वें गणतंत्र दिवस पर एक नये भारत की उभरती हुई नयी तस्वीर देखने को मिल रहा है। यह गणतंत्र दिवस हम सभी को अन्य अनेक बातों के साथ-साथ प्रमुखतः हमारे संविधान की याद दिलाता है। बड़े ही दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि अनुच्छेद 370 हमारे संविधान का एक अंग के रूप में शामिल हुआ था इसे हटाए जाने के बाद ही हम इससे अवगत हो पाये कि वास्तव में इस संवैधानिक प्रावधान के माध्यम से शेख अब्दुल्ला को नेहरू जी के चाहत के अनुसार जम्मू-कश्मीर देश के इस राज्य को उन्हें उपहार स्वरूप मिला था।
देश के आजादी काल से पिछले सत्तर दशकों से हमारे देश के लोगों को ऐसा बताया गया था कि इस धारा को हटाना बहुत ही मुश्किल है क्योंकि यह एक तरह से स्थाई प्रावधान ही है जिसके कारण कश्मीरी लोगों के मन मे अपने ही लोगों के प्रति एक अलगाववाद की भावना आज से पूर्व हमेशा से भरी जाती रही है। वहां पर संसद से पारित होने वाले तमामों महत्वपूर्ण कानूनों को वहां लागू नहीं किया जा पा रहा था। यह अनुछेद संविधान की मूल भावनाओं के विपरीत होने के बावजूद इस पर रोक लगाने को लेकर केंद्र सरकार के फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती भी दी गई, लेकिन 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर हम सभी भारतवासी खुली आवाज में यह कह सकते हैं कि जम्मु कश्मीर भारत का अभिन्न अंग शुरू से है और अब आज भी वैसा ही है जैसे कि देश के अन्य राज्य वल्कि हम सभी यह चाहते हैं कि देश का यह राज्य देश की मुख्यधारा से जुड़े, बल्कि वहां की समस्याओं का तेजी से निराकरण भी हो।
हमे यह ज्ञात नहीं है कि विपक्ष को क्यों ऐसा तौर-तरीके पसंद नहीं आ रहा हैं, और यह भी देखने से अपना मुंह मोड़ रही है कि वहां पर के हालात पहले से बेहतर हुए हैं। वहां पिछले कुछ महीनों से एक भी नागरिक की मौत नहीं हुई है। क्या यह उल्लेखनीय बात नहीं है?
- प्रस्तुति: जी के चक्रवर्ती







