पीएफ घोटाला: दिनभर चला आरोप-प्रत्यारोप का दौर, मंत्री ने सपा को व अखिलेश ने भाजपा को बताया दोषी

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उपेन्द्र नाथ राय

लखनऊ, 03 नवम्बर, 2019: पावर कार्पोरेशन के कर्मचारियों के पीएफ फंड में हुए गड़बड़ झाले को लेकर दिनभर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। इस मामले में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने रविवार को यहां कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) के घोटाले की पटकथा पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार में लिखी गई थी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच सीबीआई करेगी और इसमें किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष ने इस घोटाले में भाजपा सरकार के संलिप्त होने का आरोप लगाया और ऊर्जा मंत्री का इस्तिफा मांगा। सपा प्रमुख ने कहा कि इससे भाजपा के दोहरे चाल-चरित्र उजागर होता है।

कर्मचारी संघ ने चेयरमैन और एमडी को तत्काल हटाने की मांग की। दूसरी तरफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए पकड़े गये कम्पनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के गिरफ्तार तत्कालीन निदेशक वित्त सुधांशु द्विवेदी और सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से 14 दिन की न्याययिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इससे पहले दोनों लोगों से हजरतगंज कोतवाली में पुलिस अधिकारियों ने कई घंटे तक पूछताछ की है।

भाजपा सरकार के कारण डूबी कर्मचारियों की कमाई:

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के 45 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की कमाई भाजपा सरकार के कारण डूब गयी है। बिना सरकार के संरक्षण के इतना बड़ा घोटाला नहीं हो सकता, चूंकि भाजपा सरकार की डीएचएफएल कंपनी से मिलीभगत रही, इसलिए कंपनी पर कार्रवाई करने के बजाय खुद को बचाने में लगी रही। उन्होंने कहा कि डीएचएफएल कम्पनी में पावर कार्पोरेशन के कर्मचारियों के 99 प्रतिशत फण्ड को निर्धारित नियमों के विरूद्ध जाकर तीन प्राइवेट कम्पनियों में निवेशित किया गया, जिसमें से अकेले 65 प्रतिशत डीएचएफएल को दिया गया। इसमें से 1854 करोड़ रूपये एक एफ.डी. के माध्यम से एक साल के लिए और 2268 करोड़ की दूसरी एफ.डी. तीन साल के लिए दी गयी। पहली एफ.डी. दिसम्बर 2018 को मेच्योर होने के बाद वापस आ गयी किन्तु दूसरी एफ.डी. जो कि 2268 करोड़ रुपये की थी, डूब गयी है, जिसके लिए ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा को खुद की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी है भाजपा:

वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी भाजपा नेता नए-नए बहानों से जनता का ध्यान भटकाने की साजिश करते रहते हैं। द्वेष की राजनीति के चलते झूठे आरोप लगा रही है। डीएचएफएल से 20 करोड़ रुपये का चंदा लेने वाली भाजपा के ऊर्जामंत्री बताएं, ये रिश्ता क्या कहलाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपने बेदाग होने का ढिंढोरा खूब पीटती रही है, लेकिन धीरे-धीरे उसके घोटालों की परतें खुलती जा रही हैं।

कर्मचारी संघ ने चेयरमैन व प्रबंधक को हटाने की मांग की:

विद्युत् कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र ने विभाग के कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) के घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए पावर कारपोरेशन के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (एमडी) को तत्काल हटाये जाने की मांग की है। समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से यह भी मांग की है कि कर्मचारियों के देयों के भुगतान की जिम्मेदारी सरकार ले। उप्र विद्युत् कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने पीएफ घोटाले की जांच सीबीआई से कराने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री की प्रशंसा की है।

किसी भी दोषी नहीं छोड़ा जाएगा: ऊर्जा मंत्री

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने रविवार को यहां कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) के घोटाले की पटकथा पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार में लिखी गई थी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच सीबीआई करेगी और इसमें किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। लोकभवन में एक पत्रकार वार्ता के दौरान ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस घोटाले की पटकथा वर्ष 2014 में उस समय लिखी गई थी। जब उप्र स्टेट पावर सेक्टर इम्प्लाइज ट्रस्ट एवं उप्र पावर कारपोरेशन अंशदायी भविष्य निधि ट्रस्ट के बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि बैंक से इतर अधिक ब्याज देने वाली संस्थाओं में भी भविष्य निधि का पैसा निवेश किया जा सकता है।

दोनों अधिकारी भेजे गये जेल:

इन सबके बीच पुलिस ने बिजली कर्मियों की भविष्य निधि की करोड़ों की रकम डकारने वाली कम्पनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के गिरफ्तार तत्कालीन निदेशक वित्त सुधांशु द्विवेदी और के सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता को न्यायालय में पेश किया, जहां से 14 दिन की न्याययिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इससे पहले दोनों लोगों से हजरतगंज कोतवाली में पुलिस अधिकारियों ने कई घंटे तक पूछताछ की है।

कोतवाली प्रभारी राधारमन सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार को पुलिस ने यूपी पावर कॉर्पोरेशन (यूपीपीसीएल) में कर्मचारियों के भविष्य निधि के निवेश में भ्रष्टाचार के आरोप में कॉर्पोरेशन के पूर्व निदेशक (वित्त) सुधांशु द्विवेदी और इम्लॉइज ट्रस्ट के तत्कालीन सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया था। दोनों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज हुआ है।

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