- इंदिरा गांधी के बाद निर्मला सीतारमण ऐसी पहली वित्त मंत्री, जिन्होंने लगातार दूसरी बार बजट पेश किया
- नई शिक्षा नीति लाएगी सरकार, 99300 करोड़ रुपए शिक्षा पर खर्च होंगे
- एलआईसी के लिए आईपीओ लाएगी सरकार, कंपनी में अपनी हिस्सेदारी भी बेचने का प्रस्ताव
नई दिल्ली, 02 फरवरी, 2020: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में साफ किया कि 5 लाख रुपए तक की इनकम वालों को पुरानी की तरह नई व्यवस्था में भी टैक्स नहीं देना होगा। 5 से 7.30 लाख तक की स्लैब में 20 फीसद टैक्स देना होता है, अब 10 फीसद ही देना होगा। 3 अन्य स्लैब में भी टैक्स घटाया गया। फायदा पाने के लिए आपको 70 रियायतें छोड़नी होंगी। हालांकि, इनकम टैक्स की नई दरें वैकल्पिक हैं। करदाता पुरानी और नई व्यवस्था में से चुन सकता है।
बजट भाषण की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘मई 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोबारा सरकार बनाने का जनादेश मिला था। उन्हें पूरी विन्रमता के साथ जनता की सेवा करने का मौका मिला। यह जनादेश सिर्फ राजनीतिक स्थिरता के लिए नहीं था, बल्कि आर्थिक नीतियों के लिए भी था। हर महिला, हर
बीच हमारी सरकार आर्थिक नीतियों में बड़ा बदलाव लाई।

उन्होंने कहा कि अब अर्थव्यवस्था की बुनियादी मजबूत है। महंगाई काबू में ‘जीएसटी इस देश की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहा है। इसके मुख्य रचियता आज हमारे बीच नहीं हैं। हम अरुण जेटली को श्रद्धांजलि देते हैं। वे कहते थे कि राज्य साझा खुशहाली के लिए एक साथ काम करेंगे। जीएसटी काउंसिल के बीच आम सहमति यह बताती है कि भारत राष्ट्रहित के लिए मतभेदों को भुला सकता है।’
उन्होंने कहा कि ‘जीएसटी की वजह से लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट में फायदा मिला है। चेक पोस्ट हटने से 20 लागत कम हुई है। इंस्पेक्टर राज खत्म हुआ है। अब लोग अपने परिवार के मासिक खर्च का 4 प्रतिशत हिस्सा जीएसटी की वजह से बचा पा रहे हैं। जीएसटी काउंसिल लोगों की दिक्कतों को सुलझाने का काम रहा है। हमने 60 लाख नए टैक्सपेयर्स जोड़े हैं। 40 करोड़ रिटर्न फाइल हुए हैं। नया रिटर्न सिस्टम भी 1 अप्रैल से लागू हो रहा है। एक पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था कि अंतिम व्यक्ति तक फायदा नहीं पहुंच पा रहा है। एक रुपए में से 15 पैसे ही लोगों तक पहुंच रहे हैं।

बजट 2020 : क्या-क्या हुए महंगे और क्या हुए सस्ते:
केंद्रीय बजट में टैक्स बढ़ोतरी के प्रस्ताव की वजह से सिगरेट, चबाने वाले तंबाकू के साथ-साथ खाद्य तेल, पंखे, फुटवेअर, किचनवेयर, खिलौने और फर्निचर जैसे आयातित सामान महंगे होने जा रहे हैं। दूसरी तरफ न्यूजप्रिंट, खेल के सामान, माइक्रोफोन सस्ते होंगे।
आइए एक नजर डालते हैं कि किन-किन सामानों पर आपको पहले के मुकाबले ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी और कौन से सामान सस्ते हुए:
– बटर घी, बटर ऑइल, खाद्य तेल, पीनट बटर – छाछ, मेसलिन, मक्का, सुगर बीट सीड्स, संरक्षित आलू – च्यूइंग गम, डाइट वाला सोया फाइबर, आइसोलेटेड सोया प्रोटीन -अखरोट -फुटवेअर, शेवर्स, हेयर क्लिपर्स, हेयर-रिमूविंग उपकरण -टेबलवेयर, किचनवेयर, वॉटर फिल्टर, ग्लासवेयर -चीनी मिट्टी के बने घरेलू सामान -माणिक, पन्ना, नीलम और दूसरे कीमती रत्न -ताला -हाथ वाली छननी -कंघी, हेयरपिन, कर्लिंग पिन, कलिंग ग्रिप
कौन-कौन से सामान होंगे सस्ते: कुछ आइटमों के आयात पर कस्टम ड्यूटी घटाने का प्रस्ताव है। इस वजह से ये सामान सस्ते होंगे। -प्योर-ब्रेड ब्रीडिंग हॉर्स -न्यूजप्रिंट पेपर -खेल के सामान -माइक्रोफोन -इलेक्ट्रिक वीइकल
देश में कई रूटों पर चलेगी निजी ट्रेनें:
उड़ान योजना से जोड़े जाएंगे 100 हवाई अड़े तेजस एक्सप्रेस जैसी निजी ट्रेनों को और नए रूटों पर चलाया जाएगा। राजमार्गों के विकास में तेजी लाई जाएगी। मानव रहित रेल फाटकों को समाप्त किया गया है। 550 स्टेशनों पर वाईफाई को शुरू किया गया है। रेलवे की खाली जमीन पर सौर उर्जा उत्पादन की पहल की जाएगी। 27000 किमी के ट्रेक को इलेक्ट्रिक किया जाएगा। मुंबई से अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड ट्रेन के कार्य में तेजी लाइ जाएगी। पीपीपी मॉडल से स्टेशनों के पुर्नविकास की चार परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। प्रधानमंत्री ने अर्थ गंगा की अवधारणा रखी है। नदी के किनारों पर आर्थिक क्रियाकलापों को बढ़ावा देने के लिए योजना शुरू की जाएगी। उड़ान स्कीम को बढ़ावा देने के लिए 100 नए वायुपत्तन कानिर्माण किया जाएगा।







