नई दिल्ली 04 नवम्बर। इंफोसिस ने जीएसटी का पोर्टल तैयार किया है। इसके संचालन की जिम्मेदारी भी इंफोसिस के पास है। सीएआईटी के जनरल सेक्रेटरी प्रवीण खंडेलवाल ने सरकार से इंफोसिस सहित जो कंपनियां जीएसटी पोर्टल में काम कर रही थी। उन सब के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि 4 माह व्यतीत हो जाने के बाद हुई जीएसटी का पोर्टल ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा है। जिसके कारण पोर्टल पर कारोबारी अपनी रिटर्न फाइल नहीं कर पा रहे हैं। पिछले 4 महीने से देश के लाखों कारोबारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट, लाखों अकाउंटेंट परेशान हो रहे हैं। पिछले 4 माह में सारा कारोबार ठप्प हो गया है। इसके पहले कभी भी कारोबार जगत में यह स्थिति देखने को नहीं मिली।
सीएआईटी अध्यक्ष के अनुसार जीएसटी पोर्टल को बनाने में करीब 3 साल का समय इंफोसिस ने लिया। सरकार ने इसके लिए प्रत्यक्ष रुप से 1400 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसके बाद भी जीएसटी पोर्टल उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। इसकी असफलता इसी बात से समझी जा सकती है कि जो रिटर्न 10 अगस्त को भरी जानी थी, उसके लिए अब अंतिम तिथि 30 नवंबर कर दी गई है। संस्था का कहना है कि जीएसटी पोर्टल और इंफोसिस का थर्ड पार्टी से ऑडिट कराना चाहिए । इसमें क्या गड़बड़ियां हुई है, इसमें कहीं कोई साजिश तो नहीं है। इस सब का पता लगाने के लिए सीबीआई की जांच होनी चाहिए।







