लगता है मानवता पूरी तरह से ख़त्म होती जा रही है समाज में लोग आधुनिकता की दौड़ में अंधे और लालची होते जा रहे हैं उनके लिए रिश्ते- नाते और पास -पड़ोस के लोग अब अनजाने बनते जा रहे हैं वह सिर्फ एक संवेदनहीनता की भाषा जानना चाहते हैं जहाँ सारे रिश्ते बेईमानी हैं।
बता दें कि छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के सिवनी में एक पुलिस वाले ने उधार नहीं चुका पाने पर एक ग़रीब की डेढ़ साल की बच्ची की पूरी देह को जगह-जगह सिगरेट से जला डाला है ! यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वाइरल है बताया जाता है कि बच्ची बेहद डरी और दर्द से तड़प रही है।
आरंभिक तौर पर यह जानकारी भी सामने आई है कि पुलिस वाला बच्ची से अपने को पापा बुलवाना चाह रहा था और बच्ची उसे पापा नहीं बोल रही थी.
इस मामले डॉक्टर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 50 जगह सिगरेट से दगाने के निशान मिले हैं। बता दें कि बच्ची कि माँ नांद्रे छत्तीसगढ़ की लोकगायक है बच्ची की माँ ने बताया कि आरोपी पुलिस अविनाश राय पहले उसके मकान में किराए पर रहता था। लॉक डाउन के दौरान उसके पति ने अविनाश से कुछ रुपये उधार लिए थे जिसे मांगने वह बीच बीच में आता रहता था। उस दिन जब वह रूपये मांगने आया तो पति घर में नहीं थे तो उसने बच्ची का हाथ पकड़ लिया और दूसरे कमरे में ले गया और नशे कि हालत में बच्ची से अपने को पापा कहलाने लगा पापा नहीं बोलने पर पर उसने हैवानियत कि सारी हदे पार दी।
फिलहाल इस मामले कार्रवाई की जा रही है लेकिन जरा सोचिये आज हम सभी यह कैसा समाज गढ़ रहे हैं ! जिसमें मानवता पूरी तरह से ख़त्म होती जा रही है ?
छत्तीसगढ़ पुलिस ने ट्विटर पर की निंदा और दिया कार्रवाई का भरोसा :
पुलिसकर्मियों द्वारा इस प्रकार का कृत्य अक्षम्य है। डीजीपी श्री डीएम अवस्थी ने उक्त आरोपी पुलिसकर्मी को सेवा से पृथक करने के निर्देश जारी कर दिए हैं, साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।







