नई दिल्ली, 18 जून : ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के छठे दिन (18 जून 2025) तक तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने मंगलवार को तेल अवीव में इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के हेडक्वार्टर और सैन्य खुफिया एजेंसी ‘अमान’ के लॉजिस्टिक सेंटर, ग्लीलोट पर मिसाइल हमले किए। ईरानी इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि इन हमलों में मोसाद और अमान के महत्वपूर्ण ठिकानों को नष्ट किया गया, जिसमें ‘हाज कासिम’ नामक ठोस ईंधन वाली टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग किया गया, जो इजरायल के एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने में सक्षम थीं। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि इन हमलों में कई इजरायली अधिकारी और कमांडर मारे गए, हालांकि इजरायल ने इसे मामूली नुकसान बताया और कहा कि केवल पार्किंग क्षेत्र या स्टैंड प्रभावित हुए।
दूसरी ओर, इजरायल ने जवाबी कार्रवाई में तेहरान और पश्चिमी ईरान में हवाई हमले तेज किए। इजरायली वायुसेना ने मंगलवार को मध्य तेहरान में एक कमांड सेंटर पर हमला कर ईरान के डिप्टी कमांडर मेजर जनरल अली शादमानी को मार गिराया, जो चार दिन पहले ही खत्म-अल-अनबिया हेडक्वार्टर के प्रमुख बने थे। इजरायल ने यह भी दावा किया कि उसने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों, विशेष रूप से नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र, को भारी नुकसान पहुंचाया, जिसमें छह परमाणु वैज्ञानिक और कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर मारे गए।
इजरायल पर कोई रहम नहीं : खामेनेई
ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने X पर पोस्ट कर इजरायल को “आतंकी यहूदी शासन” करार देते हुए कड़ा जवाब देने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “हैदर के नाम पर जंग शुरू होती है,” और इजरायल पर कोई रहम नहीं दिखाने की बात कही। X पर कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया कि ईरान ने तेल अवीव और कुद्स फोर्स हेडक्वार्टर पर सैकड़ों मिसाइलें दागीं, लेकिन ये दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
17 जून को ईरान ने इजरायल पर करीब 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे तेल अवीव और यरुशलम में हवाई हमले के सायरन बजे और बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इजरायल की आयरन डोम डिफेंस सिस्टम को भेदने की खबरें भी सामने आईं। इजरायल ने दावा किया कि उसने अधिकांश ड्रोन और मिसाइलों को सीमा के बाहर ही नष्ट कर दिया।
ईरान के आसमान पर हमारा कब्जा है : ट्रम्प
इस बीच, अमेरिका ने क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति बढ़ाई है, और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि “ईरान के आसमान पर हमारा कब्जा है,” जिससे अमेरिकी हस्तक्षेप की आशंकाएं बढ़ गई हैं। भारत ने भी दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
यह संघर्ष अब खुफिया और सैन्य ठिकानों पर केंद्रित युद्ध बन चुका है, जिसमें दोनों पक्षों ने भारी नुकसान का दावा किया है। ईरान में 244 और इजरायल में 24 लोगों के मारे जाने की खबरें हैं, हालांकि स्वतंत्र सत्यापन बाकी है। क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ रही है, और G7 जैसे मंचों पर इस मुद्दे पर चर्चा की उम्मीद है।







