उत्तर प्रदेश का यह वो किला हैं जहां जो गया वह वापस नही लौटा!
गढ़कुंडार किला उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले में स्थित है। यह किला मौरानीपुर राष्ट्रीय राज्यमार्ग से तकरीबन 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस किले का निर्माण 11वीं सदी में किया गया था। यह किला पांच मंज़िलों का है लेकिन इसके दो मंजिलें जमीन के नीचे और तीन मंजिलें जमीन की सतह से ऊपर बने है। इस किले को किसने बनवाया था जिसकी सटीक जानकारी तो नहीं मिल पायी है लेकिन इसके आसपास में बसे कुछ गामीणों की बातों को माने तो ये किला 1500 से 2000 साल पुराना है। 11वीं शताब्दी में बना यह किला पांच मंजिल का है।

यहाँ के आसपास के रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना हैं कि बहुत समय पहले यहां पास के ही एक गांव से एक बारात यहाँ पर आई थी। इस बारात में शामिल सभी लोग इस किले में घूमने के मकसद से किले के अन्दर गये और वे सभी लोग घूमते घूमते उत्सुकता वश किले के बेसमेंट में चले गये। नीचे जाने के बाद इस बारात के सभी बाराती गायब हो गये और उस बारात में शामिल लोगों का आज दिन तक कोई अता-पता नहीं चला। इसके बाद भी इस किले में ऐसी बहुत सी रहस्यमयी घटनाए घटित हुयी जिससे लोग सकते में हैं। बताया जाता है कि अभी कुछ समय पूर्व ही इस किले के बेसमेंट को हमेशा के लिये बंद कर दिया गया।
यहाँ के लोगों का कहना है कि यह किला एक तरह से भूल भुलैय्ये की तरह है इसलिये इसके अंदर जाना खतरे से खाली नहीं होता है। गुप्प अँधेरा होने की वजह से यहाँ दिन के समय में भी किला डरावना सा लगता है। इस किले में खजाने की तलाश में अनेको बार लोगो के अन्दर प्रवेश करने की बातें सामने आई लेकिन यहाँ इस किले के अन्दर प्रवेश करने वाले लोग अपनी जान से ही हाथ धो बैठे हैं। ग्रामीणों द्वारा ऐसा भी कहा जाता है कि इस किले के तहखाने में अनेको तरह की रहस्यमयी चीजें मौजूद हैं।
वरिष्ठ इतिहासकार हरिगोविंद सिंह कुशवाहा बताते हैं कि गढ़कुंडार बेहद संपन्न और पुरानी रियासत रही है। यहां के राजाओं के पास कभी भी सोना, हीरे, जवाहरात की कमी नहीं रही। कई विदेशी ताकतों ने खजाने को लूटा। स्थानीय चोर उचक्कों ने भी खजाने को तलाशने के की कोशिश की।
वो कहते हैं कि इस किले में इतना सोना चांदी है कि भारत जैसा देश भी अमीर हो जाए। यहां चंदेलों, बुंदेलों, खंगारों का कब्जा रहा। किले के नीचे दो मंजिला भवन है। इसी में खजाने का रहस्य है।

नजदीक आते-आते किला दिखना हो जाता है बंद:
बता दें कि यह किला सुरक्षा की दृष्टि से बनवाया गया एक ऐसा बेजोड़ नमूना है, जो अब तक लोगों को भ्रमित कर देता है। किला एक ऊंची पहाड़ी पर एक हेक्टेयर से अधिक वर्गाकार जमीन पर बना हुआ है और यह किला इस तरह बनाया गया कि ये 4-5 किलोमीटर दूर से तो दिखता है|
लेकिन नजदीक आते-आते किला दिखना बंद हो जाता है। जिस रास्ते से किला दूर से दिखता है। अगर उसी रास्ते से आएंगे तो ये रास्ता भी किले की बजाय कहीं और जाता है। जबकि किले के लिए दूसरा रास्ता है।
- प्रस्तुति: जी के चक्रवर्ती








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